देखिए भारत का पहला डायनासोर पार्क, इस जगह पर मिल चुके हैं 10 हजार अंडे, विश्व में ले जाई गईं हड्डियां...!

आपने अब तक 'जुरासिक पार्क' के बारे में सिर्फ फिल्मों और कहानियों में ही सुना होगा, किन्तु गुजरात में ये हकीकत में उपस्थित है। यहां लगभग 6.5 करोड़ वर्ष पुरानी एक जगह संसार का सबसे बड़ा डायनासोर फॉसिल पार्क मानी जाती है। ये जगह है 'बालासिनोर डायनासोर पार्क', जो कि खेड़ा जिले के बालासिनोर के रायोली गांव में पड़ती है। राज्य के पर्यटन मंत्री जवाहर चावड़ा का कहना है कि इसे जल्द ही पब्लिक के लिए ओपन-अलाउड किया जाएगा। फिर, यहां प्रत्येक कोई डायनासोर के जीवाश्व और अंडे देख सकेगा।

1983 में पहली बार यहां खुदाई में जमीन से जीवाश्व मिले


स्थानीय विशेषज्ञों के अनुसार, बालासिनोर में डायनासोर फॉसिल पार्क तकरीबन 52 हेक्टेयर भूमि में फैला है। 1983 में पहली बार यहां खुदाई में जमीन से भारी संख्या में डायनासोर के अंडे मिले थे। ये खुदाई अहमदाबाद से कुछ मील की दूरी पर रायोली गाँव में पुरातत्व विभाग द्वारा की गई थी। बालासिनोर से यह जगह 11 किलोमीटर दूर है, जहां रायोली गाँव पेलियोन्टोलॉजिस्ट आकर्षण का केंद्र रहा है। कुछ ​वैज्ञा​निकों के शोध में दावा किया गया कि यह जगह 6.5 करोड़ वर्ष पुरानी है। सरकार ने यहां मरम्मत कार्य कराए और अब ये आमजन के देखने के लिए तैयार हो गई है।

यहां मिल चुके हैं 10 हजार अंडे


कुछ शोध में पाया गया कि इस इलाके में कभी डायनासोरों की कम से कम सात प्रजातियां रहती थीं। ऐसे में यहां डायनासोर के फाइबरग्लास के मॉडल्स भी तैयार किए गए हैं, जिन्हें दर्शक बालासिनोर डायनासोर फॉसिल पार्क में देख सकते हैं। अंदाज है यहां डायनासोरों के 10 हजार अंडे मिल चुके हैं, जिन्हें दुनियाभर के विभिन्न संग्रहालयों में जगह मिली है। पर्यटन मंत्री जवाहर चावड़ा इसे भारत के पहले 'उत्खनन प्रदर्शनी' के इतिहास को कवर करने वाले सूचनात्मक संग्रहालय के तौर पर देखते हैं।

देश को आजादी मिलने से पहले तक था 'बालासिनोर राज्य'


पर्यटन मंत्री का कहना है कि यह डायनासोर पार्क अब खूंखार डायनासोर की 65 मिलियन वीं वर्षगांठ का इतिहास प्रस्तुत कर रहा है। जिसे 36 वर्ष पहले मध्य गुजरात के नवाबनगर बालासिनोर में खोजा गया था और राज्य पर्यटन निगम द्वारा आकार दिया गया। देश को आजादी मिलने से पहले तक बालासिनोर बाबी वंश का नया राज्य था, जिसे 'बालासिनोर राज्य' कहा जाता था। यहाँ, मराठा और ब्रिटिश शासन रहा है।

डायरनासोर के इन अंगों के जीवाश्वम यहां मिले


वर्ष 2003 में यहां डायनासोर की 'टिरनोनसोरस रेक्स कबीले' प्रजाति के अवशेष मिले। इसके अंडे इतने विशाल थे कि उन्हें राजमौहस नर्मदा (नर्मदा के राजा) के रूप में नामित किया गया था, जिनकी हड्डियों को नर्मदा के किनारे प्रस्तुत किया गया था। 2003 में मिले अवशेषों में मस्तिष्क की हड्डियां, रीढ़ की हड्डी, जांघ की हड्डी, पैर और हड्डी की हड्डी शामिल हैं।

ये सब यहां देखा जा सकता है


बालासिनोर फॉसिल पार्क में डायनासोर के जीवाश्वों के अलावा और भी कई चीजें देखी जा सकती हैं। यहां 5-डी थिएटर, 3-डी फिल्म, मेसोजोइक वाइब्रेंट एनवायरनमेंट, म्यूजियम, अलपाइरा हाउस, सोवेनियर शॉप, पीने का पानी, टॉयलेट की सुविधा है। डायनासोर के डिस्प्ले, संग्रहालय के आकर्षक मुख्य प्रवेश द्वार की रचना, राजासौरस डायनासोर के स्कैलेचर, पृथ्वी के डिजिटल डिस्प्ले का विकास, वॉल-आर्ट आदि इस पार्क में रखे गए हैं। डायनासौर पार्क परिसर की स्थापना के लिए 'फ़ॉसिल पार्क डेवलपमेंट सोसाइटी' भी बनाई गई है।