एक साल में ही मुरादाबाद में बंद हो गए 28 एटीएम, जानिए क्या है पूरा माजरा...!

पिछले एक वर्ष में देश के अंदर एटीएम की संख्या में तेजी से गिरावट आयी है। ऐसा तब हुआ है जब लोगों की निर्भरता बैंक के अतिरिक्त एटीएम पर भी बढ़ी है। एटीएम के बंद होने का असर मुरादाबाद में भी दिखाई दिया है। आंकड़ों पर गौर करें तो पिछले एक वर्ष के अंदर ही जिले के 28 एटीएम बंद कर दिए गए हैं। विशेष बात ये है कि एटीएम बंद करने में बड़ी बैंक भी उपस्थित हैं।

एटीएम इंडस्ट्री से जुड़े संगठन एसएटीएमआइ ने हाल ही में अपनी एक रिपोर्ट जारी की थी, जिसके अनुसार मार्च 2019 तक 50 फीसद एटीएम के बंद हो जाने की संभावना जताई गई थी। रिपोर्ट को देखा जाए तो वर्तमान आंकड़े कुछ ऐसे ही हैं। देश में कुल 2.38 लाख एटीएम संचालित होते हैं, जिसमें से 1.13 लाख एटीएम बंद होने की कगार पर पहुंच गए हैं। इसका जिक्र खुद रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के सर्वे में है। रिपोर्ट का असर मुरादाबाद जिले में दिखने लगा है।


पंजाब नेशनल बैंक के दस एटीएम बंद 


मार्च 2018 से अब तक मुरादाबाद में 28 एटीएम मशीनों पर ताले लटक गए हैं।मार्च 2018 में थीं 291 एटीएम मशीनें मार्च 2018 के आंकड़ों के अनुसार जिले में 291 ऑटोमेटिक टेलर मशीन लगी हुई थीं। इसमें राष्ट्रीयकृत बैंकों के 215 एटीएम थे, जिसमें से सबसे ज्यादा एटीएम स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के 68 थे तो वहीं दूसरे नंबर पर पंजाब नेशनल बैंक के 49 एटीएम जिले में लगे हुए थे। हाल ही में आई खबर के अनुसार मार्च के बाद पंजाब नेशनल बैंक ने अपने 10 एटीएम को बंद कर दिया है।

वहीं स्टेट बैंक का भी एक एटीएम बंद हुआ है। इसके अतिरिक्त बैंक ऑफ बड़ौदा के तीन, बैंक ऑफ इंडिया के छह एटीएम इस एक वर्ष में बंद हुए हैं। महंगा हो गया मेंटीनेंस स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के मुख्य प्रबंधक कस्टमर सर्विस धीरज कुमार का कहना है कि एक एटीएम के सेटअप में लगभग 25 लाख रुपये का खर्चा आ रहा है।

वहीं एटीएम से ट्रांजेक्शन न होने से भी बैंकों को लाभ नहीं हो पाता है, जिस वज़ह तेजी से एटीएम की संख्या घट रही है। इसके अतिरिक्त डिजिटल ट्रांजेक्शन बढ़ना भी एटीएम के बंद होने का वजह है।
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