रेत खाकर खुद को सेहतमंद रखती हैं 78 वर्ष की ये औरत, देखिए हैरतअंगेज तस्वीरें...!

खुद को हैल्दी रखने के लिए आप ने बहुत लोगो को फल, सब्जियां, ड्राई फ्रूट्स इत्यादि चीजें अपनी डाईट में सम्लित करते हुए देखा होगा। किन्तु आज हम आपको एक ऐसी अनोखी स्त्री से मिलाने जा रहे हैं जो खुद को फिट और सेहतमंद रखने के लिए प्रतिदिन रेत खाती हैं। जी हाँ आप ने सही पढ़ा। ये स्त्री मकान इत्यादि बनाने में काम आने वाली रेत खाना पसंद करती हैं। हैरानी की बात तो ये हैं कि वो ये काम पिछले 60 सालों से करती आ रही हैं। स्त्री का कहना हैं कि इस रेत को खाने की वजह से उसे आज तक अस्पताल नहीं जाना पड़ा और उसका मेडिकल का खर्चा भी बच गया। आप सभी को बेशक ये सारी बातें सुनने में बड़ी अजीब लग रही होगी लेकिन इस 78 वर्षीय महिला का यही दावा हैं कि वो रेत खाकर ही खुद को स्वस्थ रखती हैं। तो चलिए इस अजीबोगरीब स्त्री के बारे में थोड़ा और विस्तार से जान लेते हैं।

इनसे मिलिए। ये हैं 78 वर्ष की कुसमा वती। ये जब 15 वर्ष की थी तभी से इन्होने रेत खाना शुरू कर दिया था। शुरुआत में उन्हें थोड़ा पेड़ दर्द अवश्य हुआ था किन्तु बाद में कोई तकलीफ नहीं हुई। बस तब से लेकर अब तक यानी इच्ले 63 वर्षो से ये महिला रोजाना रेत ही खा रही हैं। यदि इस स्त्री को किसी दिन रेत खाने को नहीं मिलती हैं तो ये तड़पने लगती हैं और फिर अपनी घर की दीवारों को खुटर कर उसकी का चुरा खा लेती हैं। स्त्री की इस आदत से उसके पोता पोती काफी हैरान हैं। उन्होंने बहुत बार दादी को बोला कि अपनी ये आदत छोड़ दो। चाहो तो मेडिकल सहायता ले लो। किन्तु कुसमा वती जी हैं कि मानती ही नहीं हैं। उनका बस यही कहना हैं कि मैं ये रेत खाकर ही अभी तक स्वस्थ हूँ।

कुसमा वती जी खेत में काम करने वाली एक मजदूर हैं। उनका कहना हैं कि मैं ये रेत पिछले बहुत वर्षो से खा रही हूँ और इससे मुझे अभी तक कोई भी परेशानी नहीं हुई हैं। मेरा पेट, दांत सब कुछ सही हैं। इस रेत को खाते समय यदि कोई पत्थर आ जाता हैं तो इसे भी मैं अपने दांतों से चबा जाती हैं। ये रेत खाने से ही मुझे खेत में काम करने की उर्जा मिलती हैं. मेरे पोता पोती ने मुझे रोकने के बहुत कोशिश किये किन्तु मैं उनसे यही कहती हूँ की इस रेत को खाने की कारण से ही मैं अभी तक सेहतमंद हूँ।

कुसमा वती ये भी दावा करती हैं कि अपनी इस ख़ास खाने की आदत से उन्हें आज तक डॉक्टर के पास जाने की भी आवशयकता नहीं पड़ी। वे कहती हैं कि जहाँ तक उन्हें याद हैं उनके रेत खाना शुरू करने के बाद से आज तक वो डॉक्टर से नहीं मिली हैं। दुसरे लोग इनकी इस अनोखी आदत से अवश्य परेशान रह जाते हैं किन्तु कुसमा वती के लिए ये बहुत ही नार्मल बात हैं। वे कहती हैं कि रेत में उपस्थित मिनरल्स उन्हें शक्ति देते हैं।