कांग्रेस को मनाने के लिए क्यों हो रहा इतना कोशिश, अब सामने आया असली कारण...!

कांग्रेस के अध्यक्ष राहुल गांधी ने लोकसभा चुनाव 2019 में करारी हार के बाद दे दिया है अपने पद से त्यागपत्र, राहुल कांग्रेस की हार के लिए मानते हैं खुद को जिम्मेदार, लिहाजा वे अपना त्यागपत्र वापस लेने को किसी भी हाल में नहीं दिख रहे हैं तैयार, सोनिया गांधी व प्रियंका गांधी से लेकर कांग्रेस के तमाम नेता लगे हैं राहुल को मनाने की प्रयास में, राजनीतिक विश्लेषकों के लिए राहुल गांधी भले ही बोझ नजर आ रहे हैं।

लेकिन सच्चाई यही है कि राहुल का अध्यक्ष पद पर बने रहना कांग्रेस के लिए मजबूरी ही नहीं बेशकीमती संपत्ति भी है, जब-जब कांग्रेस ने नेहरू-गांधी परिवार के बाहर का अध्यक्ष बनाया पार्टी को हुआ है नुकसान, कांग्रेस नेताओं को एकजुट भी तभी रखा जा सकता है जब पार्टी की कमान रहे नेहरू-गांधी परिवार के हाथों में...

प्रियंका गांधी व रणदीप सिंह सुरजेवाला


लोकसभा चुनाव 2019 में कांग्रेस की करारी हार के बाद से राहुल गांधी के नेतृत्व और पार्टी के संगठन को लेकर प्रशन उठने से पहले ही राहुल गांधी ने खुद ही बड़ा दांव खेल दिया। राहुल ने अध्यक्ष के पद से त्यागपत्र देकर कांग्रेस के नेताओं को उलजा कर रख दिया। इससे पहले कि राहुल के विरुद्ध कोई आवाज उठती, कांग्रेस के नेता उनकी मान-मनौव्वल में लग गए।


कांग्रेस की बैठक में राहुल गांधी


राजनीतिक विश्लेषक कह रहे हैं कि राहुल गांधी कांग्रेस के लिए असेट और लाइबिलिटी दोनों ही हैं। राहुल बोझ इसलिए हैं क्योंकि वे पार्टी के पक्ष में वोटों को लामबंद नहीं कर पा रहे हैं। दूसरी ओर वे कांग्रेस की बेशकीमती संपत्ति भी है, ऐसा इसलिए क्योंकि निरंतर हार के बावजूद उनकी कारण से ही पार्टी एकजुट है।


झरना पर बैठे जगदीश टाइटलर


यह राहुल गांधी का महत्व ही है कि उनके त्यागपत्र की समाचार निर्णय ही कांग्रेस के नेता दिल्ली की सड़कों पर धरना देने लगे। दिग्गज कांग्रेस नेता जगदीश टाइटलर भी धरना में उपस्थित हुए। वहीं दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला, अहमद पटेल और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी तक ने राहुल से मुलाकात करके उनको मनाने की प्रयास की।
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