भारत के इस गांव में कोई भी नेता नहीं आता प्रचार करने, कारण है काफी हैरान करने वाला...!

इन दिनों देशभर में आम चुनाव का सीजन चल रहा है। वहीं 23 अप्रैल को देशभर में तीसरे चरण का मतदान संपन्न होने जा रहा है। ऐसे में पार्टियों की चुनावी रैली, रोड शो और जनसभाएं करने का दौर भी जारी है।

वहीं देश में एक गांव ऐसा भी है जहां पर कोई भी नेता यहां पर चुनाव प्रचार करने नहीं आता है। इसका वजह ये नहीं है कि यहां पर लोग मतदान नहीं करते हैं जबकि लोगों का मानना है कि नेता लोग प्रचार से माहौल बेकार करते हैं इसलिए इस गांव में चुनावी प्रचार करने पर बैन लगी हुई है।

इस गांव में कोई नेता नहीं आता प्रचार करने


दरअसल ये गांव गुजरात के राजकोट जिले के राजसमढियाल गांव है। इस गांव के सरपंच बताते हैं कि जब हरदेव सिंह सरपंच बने तब से ही गांव में नेताओं के चुनाव प्रचार पर रोक लगा हुआ है। ये बैन सरपंच ने नहीं जबकि गांव वालों ने लगाया है। साथ ही इस गांव का नियम है कि गांव में 18 वर्ष से ऊपर के लोगों को अनिवार्य रूप से वोट डालना ही होता है, जो लोग वोट नहीं डालते हैं उन्हे 51 रुपये का जुर्माना देना पड़ता है।

यहां पर 100 फीसदी होती है वोटिंग


इस गांव की वोटर लिस्ट में कुछ ऐसे लोग है जो अब इस संसार में नहीं हैं और कुछ ऐसी लड़कियां हैं जिनकी विवाह हो गई है। फिर भी इस गांव का वोटिंग प्रतिशत 95 से 96 फीसदी तक रहता है। ये गुजरात का ऐसा आदर्श गांव है जिसके बारे में कहा जाता है कि यहां कोई भी अपने घर या दुकान में ताला नहीं डालता।