पति को बचाने के लिए मगरमच्छ से भिड़ गई पत्नी, अंत में हुआ कुछ ऐसा जिसे जानकर...!

आपने पौराणिक युग के सत्यवान-सावित्री की कहानी अवश्य सुनी होगी कि कैसे सती सावित्री ने सत्यवान को यमराज से छुड़ाया था। सोमवार को कुछ ऐसा ही हुआ जब एक स्त्री अपने पति को एक नई जीवन देने में सफल हो गई। बोरखेड़ी में नर्मदा स्नान करने पहुंचे पति को मगरमच्छ ने पकड़ लिया और इसके बाद उसे नदी में खिंचने लगा। ये देखते ही पत्नी चिल्लाने लगी। जब कहीं से कोई सहायता ना मिले तो पत्नी ने किनारे पर मगरमच्छ पर पत्थर बरसाना शुरू कर दिया।
पहले तो स्त्री किनारे से पत्थर बरसा रही परंतु कामयाबी ना मिलने पर वह अपनी जान की परवाह किए बिना मगरमच्छ के पास चली गई और वहां से पत्थर बरसाने लगी। इससे पति को मगरमच्छ के जबड़े से आजादी मिल गया। घटनाक्रम तकरीबन 5 मिनट चला। पति को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत ठीक बताई गई है। साहसी पत्नी को क्षेत्र में प्रशंसा मिल रही है।

सोमवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण नर्मदा स्नान करने आए थे। बोरखेड़ी गांव निवासी लुसिया (35) पिता मुनकिरी भी सुबह करीब 7 बजे उंगली बाई के साथ नहाने के लिए पहुंचे। जब दोनों नर्मदा में स्नान कर रहे थे, लुसिया गहरे पानी में पहुँच गके और दर्द से चिल्लाने लगी क्योंकि मगरमच्छ ने उसका पैर पकड़ लिया था और उसे खींचने की प्रयाश कर रहा था। अपने पति के जिंदगी को देख रही उंगली ने बिना देरी किए, किनारे पर पत्थर उठाए और मगरमच्छ पर बरसना शुरू कर दिया।

लूसिया ने कहा कि मगरमच्छ करीब सात फीट लंबा था। अगर पत्नी ने साहस नहीं दिखाया होता, तो मेरी जान चली जाती। उंगली बाई ने कहा कि जैसे ही ऐसा लगा कि पति की जान खतरे में है, मैंने मगरमच्छ पर पत्थर फेंकना शुरू कर दिया।