दो भाई बने युवाओं के लिए प्रोत्साहन के स्त्रोत, दोनों का जज के पद पर हुआ नियुक्ति...!


शक्तिपीठ श्रीदेवीकूप भद्रकाली मंदिर कुरुक्षेत्र के पीठाध्यक्ष पं. सतपाल शर्मा के दोनो पुत्र स्नेहिल शर्मा और दिवांशु शर्मा के गुजरात और दिल्ली न्यायिक सेवा में चयन होने पर हाकी संघ करनाल व भारत विकास परिषद पड़वाला के अध्यक्ष रामपाल लाठर ने बधाई दी है। उन्होंने कहा है कि एक ही परिवार के दो बच्चों का जज बनना अपने आप में उस परिवार के लिए गौरव की बात है।

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उन्होंने कहा कि पं. सतपाल शर्मा को वास्तिवकता में देवी का प्रसाद मिला है। जिसके वजह दोनों बच्चे युवाओं के लिए प्रेरणा बने है। स्नेहिल शर्मा का दिल्ली न्यायिक सेवा में चयन हुआ है। जिसके बाद इस परिवार का मान-सम्मान बढ़ा।
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स्नेहिल शर्मा ने वर्ष 2007 में गीता निकेतन आवासीय विद्यालय से नॉन मेडिकल में 12वीं की परीक्षा उतीर्ण की, उसके बाद मुलाना यूनिर्वसिटी से बी.टैक कम्पयूटर साईंस की डिग्री प्राप्त की तथा उनके छोटे भाई दिवांशु शर्मा का चयन गुजरात की न्यायिक सेवा में हुआ। रामपाल लाठर ने बताया कि बच्चों को इस बात से प्रेरणा लेनी चाहिए। बच्चे पढ़ाई लग्न और शिद्धत के साथ करें, तभी सफलता प्राप्त की जा सकती है।

यहां उल्लेखनीय है कि स्नेहिल शर्मा का कुछ वर्ष पहले अपहरण हो गया था। उसको सुरक्षित पहुंचाने की एवज में अपहरणकर्ताओं ने एक करोड़ रुपए की फिरौती मांगी थी, किन्तु पुलिस ने मुठभेड़ के वक़्त बदमाशों से उसे रिहा करवा लिया। इस बीच 9 दिन तक उनका परिवार सदमे में रहा। इसी बात से प्रभावित होकर स्नेहिल शर्मा ने ज्यूडिशियल की तैयारी की। दोषियों को सजा दिलाने के लिए उनके परिवार को अदालत में लम्बी लड़ाई लडऩी पड़ी।

स्नेहिल और दिवांशु का कहना है कि वह ऐसी न्यायिक व्यवस्था के पक्षधर है, जहां न्याय के लिए लम्बी लड़ाई नहीं लडऩा पड़ें। इंसाफ के जज्बे ने उन्हें इस परीक्षा में पास होने की प्रेरणा दी। रामपाल लाठर ने बताया कि बच्चों को ऐसी प्रेरणा ही आगे ले जाती है। इस मौका पर अंकित लाठर समेत अन्य लोग मौजूद रहे।


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