पहले दिन से एक्शन मोड में मोदी सरकार, ये है शुरुआती 100 दिन का योजना...!

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके नेतृत्व वाली एनडीए सरकार शपथ समारोह के अलगे दिन से एक्शन मोड में आ गई है। मंत्रालयों के बंटवारे के ऐन बाद ही मोदी सरकार ने अगले 100 दिनों के काम-काज का खाका तैयार कर लिया है। सरकार के थिंक टैंक में शामिल एक शीर्ष अधिकारी ने संकेत दिए हैं कि आनेवाले दिनों में देश की आर्थिक नीतियों में बड़े बदलाव किए जाएंगे, जो कि विदेशी निवेशकों को आकर्षित करेंगे।

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नीति (नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया) आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार के अनुसार, इन परिवर्तनों में श्रम कानून, निजीकरण से जुड़े निर्णय और नए औद्योगिक विकास के लिए जमीन मुहैया कराने की व्यवस्था शामिल है। ‘रॉयटर्स’ को दिए साक्षात्कार में कुमार ने बताया, “उनके (विदेशी निवेशकों) पास खुश होने के लिए वजहें होंगी। मैं सुनिश्चित कर सकता हूं कि आने वाले दिनों में आप कई सुधार होते देखेंगे।” बता दें कि कुमार सीधे तौर पर पीएम मोदी को रिपोर्ट करते हैं, जबकि मोदी इस थिंक टैंक (आयोग) के अध्यक्ष हैं और उन्होंने ये बातें मोदी के शपथ ग्रहण से पहले कहीं थीं।

बकौल कुमार, “जुलाई में संसद के अगले सत्र में जटिल श्रम कानूनों में सुधार हो सकते हैं। सरकार तब निचले सदन में मंजूरी के लिए इस संबंध में नया बिल पेश करेगी।” जानकारी के अनुसार, इस बिल में चार कोड्स (भत्ता, औद्योगिक संबंध, सामाजिक सुरक्षा व कल्याण और पेशेवर सुरक्षा, स्वास्थ्य और काम करने से जुड़े हालात) के तहत 44 केंद्रीय कानून शामिल किए जाएंगे। कुमार ने कहा, “सरकार इसके अलावा विदेशी निवेशकों को लैंड बैंक्स के जरिए जमीन भी मुहैया करा सकती है, ताकि देश में निवेश आए। निवेशकों को यह जमीन क्लस्टर्स के रूप में आवंटित की जाएगी।” कुमार आगे बोले- सरकार आगामी महीनों में निजीकरण या फिर 42 राज्य नियंत्रित कंपनियों पर पूरा ध्यान देगी। वह इसके अलावा स्वायत्त होल्डिंग कंपनी भी बना सकती है, जो कि सभी राज्य संचालित कंपनियों के काम-काज को नियंत्रित करेगी।

निजीकरण की प्रक्रिया तेज करने और बेहतर कर वसूलने को लेकर उन्होंने सुझाव दिया कि हमें राज्य संचालित बैंकिंग सेक्टर में सुधार से शुरुआत करनी होगी। हमें इसके अलावा इंफ्रास्ट्र्क्चर पर और अधिक खर्च करना होगा। उन्होंने बताया, “हमें करना होगा (बैंकों से शुरुआत करनी होगी)…आगे कुछ बड़ा होगा। 100 दिनों का एक्शन प्लान होगा। हम उसके लिए तैयार हैं…।” बता दें कि नीति आयोग सरकार के लिए नए विचारों को अमल में लाने और नीतियां बनाने का मुख्य केंद्र है। क़रीब चार वर्ष पहले प्रधानमंत्री मोदी ने 65 वर्ष पुराने योजना आयोग को समाप्त कर उसकी जगह पर इसकी स्थापना की थी।

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