केरल से चुनी गईं एकमात्र महिला सांसद, जिनकी नकद संपत्ति है केवल 22,000 रुपये..!

लोकसभा चुनावों में कांग्रेस की 52 सीटों में से एक सीट पर जीत दर्ज कर केरल की रेम्या हरिदास भी संसद पहुंची हैं। रेम्या ने ये जीत दर्ज करने के अलावा भी कई उपलब्धियां प्राप्त की हैं। इसमें से एक है कि वह अब केरल से जीत दर्ज करने वाली दूसरी महिला सांसद हैं। इतना ही नहीं वह इस वक्त केरल से एकमात्र महिला सांसद हैं।

कुछ ऐसा रहा है सफर


loading...
गरीबी से लेकर संसद पहुंचने तक उनका सफर बहुत प्रेरणा देने वाली है। एक दैनिक वेतन पाने वाली कर्मचारी के तौर पर काम करने वाली 32 वर्ष की रेम्या की कुल नकद संपत्ति सिर्फ 22,000 रुपये है। उनकी मां भी एक सक्रिय कांग्रेस नेता हैं, जो कि दर्जी का काम कर चुकी हैं। रेम्या ने एनडीटीवी को बताया कि हमने गरीबी को बहुत नज़दीक से देखा है। हम तब एक फूस की झोपड़ी में रहते थे और अब भी हम सरकारी घर में रहते हैं। ऐसे समय में जब माता-पिता अपनी बेटियों को बाहर भेजने से डरते थे। तब मेरे मां-बाप ने मुझे अपनी हदों को आगे बढ़ाने और जिंदगी के हर क्षेत्र में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया।

टैलेंट हंट के द्वारा हुई थी करियर की शुरुआत


रेम्या के राजनीतिक करियर की शुरुआत तब हुई जब 2011 में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने उन्हें टैलेंट हंट के ज़रिए चुना। रेम्या हरिदास का कहना है कि राहुल गांधी के इस चुनाव से मुझे कांग्रेस के संसदीय दल का हिस्सा बनने का सौभाग्य मिला। राहुल गांधी की शैली महात्मा गांधी जैसी है जहां वह लोगों की बात सुनते हैं और उनसे फीडबैक भी लेते हैं। रेम्या लोकसभा चुनाव से पहले कुन्नमंगलम की ब्लॉक पंचायत अध्यक्ष थीं, जिसे वामपंथी बहुल क्षेत्र माना जाता था।

दो बार के सांसद से था टक्कर


2019 में अलथुर के आरक्षित लोकसभा क्षेत्र से रेम्या हरिदास का टक्कर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) से दो बार के सांसद पीके बीजू से था। लेफ्ट का गढ़ मानी जाने वाली इस सीट से रेम्या ने 1.5 लाख से अधिक मतों के अंतर से जीत प्राप्त की। अपनी चुनावी जीत पर, रेम्या ने कहा मुझे महिलाओं का अधिकतम समर्थन मिला है। मैं संसद में उनकी आवाज बनने जा रही हूं। मैं युवाओं के रोज़गारऔर कृषि संकटों के मुद्दे भी उठाऊंगी। अन्य कांग्रेसी नेताओं की तरह रेम्या भी अपनी पार्टी के भविष्य को लेकर आशान्वित हैं। उन्होंने कहा, धर्मनिरपेक्ष लोकतांत्रिक भारत का प्रतिनिधित्व करने वाली कांग्रेस जल्द ही वापस करेगी।
Loading...