23 वर्ष की आयु में ये लड़की बनी IAS, 103 डिग्री बुखार में भी दी थी एग्जाम..!

23 वर्ष की लॉ स्टूडेंट रहीं सौम्या शर्मा ने बिना किसी कोचिंग क्लासेज की सहायता के पहले ही कोशिश में ये सफलता प्राप्त की है। सौम्या ने नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी से LLB किया है। एग्जाम के टाइम पर वो अपने फाइनल सेमेस्टर में ही थीं। उन्होंने ऑप्शनल सब्जेक्ट में लॉ को चुना था, जिस कारण से उन्हें प्रिपरेशन में सहायता मिली।

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इस एग्जाम को क्लीयर करने के लिए उन्होंने न कोई कोचिंग अटैंड की और न कोई लंबी प्रिपरेशन। सौम्या के अनुसार उन्होंने 19 फरवरी 2017 से एग्जाम की तैयारी शुरू की थी, प्रीलिम्स से महज चार महीने पहले। प्रीलिम्स क्लीयर करने के बाद सौम्या ने मेन्स के ऑप्शनल सब्जेक्ट लॉ की स्टडीज की थीं।

103 डिग्री बुखार के बावजूद भी दिया एग्जाम 


यूपीएससी मेन्स एग्जाम के वक़्त सौम्या को वायरल फीवर हुआ था। उनका बुखार 102 डिग्री से नीचे नहीं उतर रहा था। इसके बावजूद उन्होंने एग्जाम्स दिए।सिविल सर्विसेज की तैयारी में उन्हें पैरेंट्स का भी काफी सपोर्ट मिला। सबसे दिलचस्प बात ये है कि सौम्या के पिता अशोक शर्मा, माता लीना शर्मा, ताऊ पदम शर्मा पेशे से डॉक्टर हैं और भाई अभिषेक भी डॉक्टर की पढ़ाई कर रहे हैं। जबकि इसके उलट सौम्या ने वकालत को चुना और UPSC की परीक्षा दी।

16 की आयु में ही खो दी थी सुनने की शक्ति 


सौम्या जब 16 वर्ष की थीं, तब किसी गंभीर रोग की कारण से उनके सुनने की शक्ति ही चली गई थी। अपना एक सेंस खोने के बावजूद उन्होंने अपना फोकस नहीं खोया। आज भी वो हियरिंग एड मशीन की मदद से ही सुन पाती हैं।

श्रवण शक्ति कमजोर होने की कारण से सौम्या शर्मा विकलांग कैटेगरी में आती हैं, किन्तु उन्होंने यूपीएससी में अपने इस कोटा का यूज नहीं किया। उन्होंने अपने फॉर्म में जनरल कैटेगरी फिल किया था।