भारत के ऐसे 4 मंदिर जहां पर देवताओं की नहीं जबकि असुरों की होती है पूजा..!

देवी देवताओं के धर्मस्थल भारत में ही नहीं जबकि विश्व के अन्य देशों में भी पाए जाते हैं जहां पर सम्पूर्ण विधि विधान के साथ देवों की आराधना की जाती है। किन्तु क्या आप जानते हैं कि भारत में बहुत ऐसे मंदिर हैं जहां देवताओं की नहीं जबकि असुरों की आराधना की जाती है। आइये आज हम आपको कुछ ऐसे ही मंदिरों के बारे में बताते हैं।

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1. उत्तरप्रदेश के कानपुर शहर में शिवाला नाम का एक धर्मस्थल है जहां रावण की पूजा होती है। इस मंदिर का निर्माण 1890 में हुआ था। ऐसा माना जाता है कि रावण एक महाज्ञानी पंडित था, इसी कारण इस स्थान पर रावण को सम्मान दिया जाता है। इस मंदिर के कपाट केवल दशहरे के दिन ही खुलते हैं बाकी पूरे साल यह मंदिर बंद रहता है।

2. कृष्ण के मामा कंस के इशारे पर राक्षसी पूतना बालरुपी कृष्ण को दूध पिलाने गयी थी ताकि वह कृष्ण को छल से मार सके। आज भी गोकुल में राक्षसी पूतना का मंदिर मौजूद है। पूतना की पूजा इसलिए भी की जाती है क्योंकि उसने माता के रूप में कृष्ण को दूध पिलाया था। आज भी इस स्थान पर दोनों की मूर्ति स्थित है।

3. महाभारत में दुर्योधन को एक खलनायक के रूप में दर्शाया गया है। उत्तराखंड के नेटावर इलाके में दुर्योधन का भव्य मंदिर स्थित है। यहाँ के लोगों का ऐसा मानना है कि महाभारत काल में दुर्योधन ने इस स्थान के निवासियों की सहायता की थी।

4. उत्तर प्रदेश के झांसी में एक ऐसा धर्मस्थल है जहां हनुमान जी के साथ अहिरावन की भी पूजा होती है। रामायण में अहिरावन ने राम और लक्ष्मण का अपहरण किया था।