अफसर हो तो ऐसी: पिता कारपेंटर, 6 नौकरी छोड़ बनी IPS, सच के लिए मंत्री से भिड़ जाती हैं..!

पिता कारपेंटर हैं, छह नौकरियां छोड़कर आईपीएस बनीं। एसपी पद पर रहते हुए दो बार एक ही बीजेपी मंत्री से भिड़ी और सजा भुगती। जानिए कौन है ये तेजतर्रार अफसर।

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हम बात कर रहे हैं, उस स्त्री एसपी संगीता कालिया की, जो मीटिंग में मंत्री अनिल विज से भिड़ गई थीं और फिर उनका तबादला कर दिया गया था। याद आ गई होंगी, जी हां। मंत्री विज से भिड़ने के बाद संगीता कालिया रेवाड़ी से ट्रांसफर होकर पानीपत आईं और अब पानीपत में फिर से उनका सामना मंत्री अनिल विज से हो गया। यही नहीं, वे फिर से मंत्री के गुस्से का शिकार हो गई। उन्होंने एसपी साहिबा की शिकायत सीएम खट्टर से कर दी।

नतीजा, एसपी कालिया का सवा दो महीने के अंदर दोबारा से ट्रांसफर कर दिया गया है। अब उनको गुरुग्राम के भोंडसी में आइआरबी का कमांडेंट बनाया गया है। एसपी संगीता का तबादला पानीपत में एसपी पद पर इसी वर्ष 24 अप्रैल को किया गया था और उन्होंने 27 अप्रैल को कार्यभार संभाला था। ट्रांसफर की कारण बताई गई, एसपी का जिला कष्ट निवारण समिति की बैठकों में न आना। अनिल विज पानीपत जिले के प्रभारी मंत्री हैं और इस नाते वह इस बैठक की अध्यक्षता करते हैं।

संगीता कालिया भिवानी जिले के एक साधारण परिवार में जन्मी। कुछ अलग करने का सपना देखा और उसे पूरा किया। वर्दी पहनते हुए कसम खाई थी कि इसकी आन-बान पर कोई दाग नहीं लगने दूंगी और इसी काम को मैंने हरेक पोस्टिंग पर करने की प्रयाश की है। मैंने न तो कभी झूठ का सहारा लिया और न ही लूंगी। काफी कम लोग ये जानते होंगे कि जिस पुलिस विभाग में उसके पिता कारपेंटर हुआ करते थे, उसी विभाग में बतौर एसपी उनकी पहली पोस्टिंग हुई थी।

पिता धर्मपाल जिस वर्ष में पुलिस विभाग से रिटायर हुए, उसी वर्ष 2010 में हरियाणा पुलिस में संगीता कालिया ने आईपीएस के पद पर ज्वॉइन किया। संगीता कालिया बेहद ईमानदार अफसर मानी जाती हैं। संगीता ने वर्ष 2005 में सिविल सर्विसेज का पेपर दिया, किन्तु वे कामयाब नहीं हुई। रेलवे में नौकरी मिली, किन्तु उन्होंने ज्वॉइन नहीं किया। 2009 बैच में तीसरे कोशिश में IPS में सिलेक्ट संगीता लिटरेचर और म्यूजिक में भी दिलचस्पी रखती हैं। फतेहाबाद में स्त्री थाना की बिल्डिंग बनवाने का श्रेय भी एसपी संगीता कालिया को ही जाता है।