इस मुस्लिम देश में नहीं है एक भी नदी और तालाब, खजूर के अतिरिक्त नहीं उगता कोई और पौधा..!

सऊदी अरब से जुड़े आप अधिकतर तथ्यों से परिचित होंगे किन्तु शायद ही आपको ये तथ्य पता हों कि, तेल से संपन्न सऊदी अरब में एक भी नदी या झील नहीं है। इसके बाद आपके मन में ये प्रश्न अवश्य आया होगा कि आखिर सऊदी अपनी पानी की आवशयकताओ को कैसे पूरा करता है।

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दरअसल हज़ारों वर्षो से सऊदी के लोग पानी के लिए कुंओं पर आधारित रहे हैं। जबकि कुएं भी सऊदी में सीमित मात्रा में ही हैं जिनमें अब पानी का स्तर घटने लगा है। तेल बेचकर भले ही सऊदी बेशुमार कमाई कर रहा है किन्तु इस कमाई का बड़ा हिस्सा उसे समुद्र के पानी को पीने लायक बनाने में लगाना पड़ रहा है।

एक रिपोर्ट के मुताबिक, सऊदी अरब का भूमिगत जल अगले 11 वर्षो में पूरी प्रकार से ख़त्म हो जाएगा। सऊदी अरब के अरबी अख़बार अल-वतन की रिपोर्ट के अनुसार खाड़ी के देशों में प्रति व्यक्ति पानी की खपत दुनिया भर में सबसे अधिक है।

आपको जानकर परेशानी होगी कि, सऊदी के लोग यूरोप के लोगों से भी अधिक पानी का इस्तेमाल करते हैं. रिपोर्ट के अनुसार सऊदी अरब में प्रति व्यक्ति पानी की खपत प्रत्येक दिन 265 लीटर है जो कि यूरोपीय यूनियन के देशों से दोगुनी है।

अपने खाने-पीने का सारा सामान सऊदी विदेशों से ख़रीदता है। वहां खजूर फल को छोड़ किसी भी अनाज का उत्पादन नहीं होता है। यही वजह है कि, अन्य देशों के उलट सऊदी में तेल सस्ता है लेकिन पानी बहुत ही महंगा है।

पिछले 50 वर्षो से सऊदी समुद्र के पानी से नमक अलग कर उपयोग कर रहा है। यहां प्रत्येक वर्ष इसके प्लांट लगाए जाते हैं और अपग्रेड किए जाते हैं। इस प्रक्रिया में बहुत खर्च आता है और ये ग़रीब देशों के वश की बात नहीं है।