बच्चों के सर से मां का साया उठा तो विधायक ने उठा ली बच्चों की जिम्मेदारी..!

पिता की मौत होने के बाद मां का साया भी उठ गया। बच्चों की परवरिश का सवाल उठा तो ग्रामीण चिंतित हो उठे। मां की मौत की समाचार पाकर सदर विधायक राजकुमार यादव भी शोक जताने पहुंचे। ग्रामीणों ने बच्चों की...

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पिता की मौत होने के बाद मां का साया भी उठ गया। बच्चों की परवरिश का प्रशन उठा तो ग्रामीण चिंतित हो उठे। मां की मौत की समाचार पाकर सदर विधायक राजकुमार यादव भी शोक जताने पहुंचे। ग्रामीणों ने बच्चों की परवरिश की चिंता जताई तो विधायक ने तीनों ही बच्चों की बढ़िया पढ़ाई और परवरिश का जिम्मा उठा लिया। तेरहवीं संस्कार होने तक बच्चों को ग्रामीणों के हवाले किया गया। इसके बाद विधायक ने तीनों बच्चों को गोद लेने का निर्णय किया है।

विषय कोतवाली क्षेत्र के ग्राम सिकंदरपुर से जुड़ा है। 21 दिसंबर 2018 को ग्रामवासी अशोक कुमार बहेलिया की मौत हो गई। अशोक के तीन बच्चे थे। पिता की मौत होने के बाद मां और बच्चों ने ग्रामीणों की सहायता से गुजर-बसर शुरू कर दी। आंखों से नेत्रहीन मां मिथलेश के सामने बच्चों के लालन-पालन का संकट था। इसी चिंता में शुक्रवार को 40 वर्षीय मिथलेश ने भी दम तोड़ दिया। मिथलेश बहुत दिनों से बीमार भी चल रही थी। मिथलेश की मौत होते ही तीनों बच्चों पर गमों का पहाड़ टूट पड़ा। ग्रामीणों में भी इन बच्चों के परवरिश की चिंता छा गई।

मां की तेरहवीं तक ग्रामीणों के पास रहेंगे बच्चे

 मिथलेश की मौत की समाचार पाकर सदर विधायक राजकुमार यादव गांव पहुंचे तो ग्रामीणों ने मिथलेश के पुत्र 9 वर्षीय धर्मवीर, 7 वर्षीय खुशबू, 4 वर्षीय पिंकी के भरण-पोषण की चिंता जताई। विधायक ने ग्रामीणों से बात की और घोषणा किया कि मां की तेरहवीं होने तक ग्रामीण बच्चों को अपने पास रखें। इसके बाद इन बच्चों की परवरिश का जिम्मा वह खुद उठाएंगे और बच्चों को अच्छे स्कूल में पढ़ाएंगे। बच्चों को जिम्मेदार नागरिक बनाएंगे। विधायक की इस पहल का ग्र्रामीणों ने स्वागत किया है।

तीन बच्चों की परवरिश करने का उन्होंने कसम लिया है। इसके लिए उन्होंने अपनी पत्नी और बच्चों से भी बात की। पत्नी और बच्चे फैसले से बेहद खुश हैं।
राजकुमार यादव, सदर विधायक