सालियों के मजाक पर दूल्हे ने दुल्हन को मारा थप्पड़, पुलिस कंट्रोल रूम में घंटों चली पंचायत..!

जरा सी बात पर दरकते रिश्ते और टूटते परिवारों के साथ ही पति-पत्नी के रिश्तों की डोर बंधी रहे। कुछ ऐसे ही उद्देश्य को लेकर जिले की पुलिस ने 'बिखरते रिश्तों को संवारे' योजना के अंतर्गत खाश शिविर शुरू किया है। पुलिस कंट्रोलरूम में रविवार को खाश शिविर में जिलेभर से 40 परिवारों को बुलाया गया था। जिसमें १५ परिवार पहुंचे।

कंट्रोलरूम में 12 प्रकरणों का हुआ समझौता 


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पति-पत्नी के बीच होने वाले विरोधों को शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाने के लिए पुलिस विभाग द्वारा कंट्रोल रूम में शिविर का आयोजन किया गया जिसके माध्यम से दोनों परिवारों को समझाइश देकर विवादों को हल करने का कोशिश किया गया। शिविर में आईजी चंचल शेखर, एसपी आबिद खान मौजूद रहे। शिविर में पहुंचे प्रकरणों को परिवार परामर्श केंद्र व पुलिस विभाग की स्त्री अधिकारियों की सहायता से समझाईश दी गई। शिविर में 12 परिवार आपस में साथ रहने को राजी हो गए। उन्होंने मिलजुल कर रहने का संकल्प लिया।

आइजी ने शिविर में हुए सझौते के बाद दी समझाइस 

इस वक़्त आईजी ने भी शिविर में परिवारों से कहा कि घर के छोटे-मोटे विवाद आपसी रजामंदी से सुलझा लिए जाएं। कई बार इन विवादों के चलते दो परिवार उजड़ जाते हैं। विषय दर्ज होता है और बाद में दोनों परिवार वर्षो तक भटकते रहते हैं। उन्होंने कहा कि भारत में सदियों से संयुक्त परिवार की परंपरा रही है और उसी के कारण परिवार उन्नति करता है।

आठ माह में ही रिश्तें में आयी दरार 


कंट्रोलरूम में आयोजित शिविर में पहले दिन आठ माह पहले का एक ऐसा प्रकरण पहुंचा कि लोग दंग रह गए। मामूली सी बात पर दूल्हा ने दुल्हन को थप्पड़ जड़ दिया, जिससे दुल्हन के गाल पर उंगलियों के निशान बन गए। समझौता शुरू हुआ तो दूल्हा पक्ष ने तर्क दिया कि सालियों ने भद्दा मजाक किया, जिससे लडक़ा नाराज हो गया। जिससे दोनों के बीच रिश्तों में दरार आ गई। विषय थाने से परामर्श केन्द्र तक पहुंचा। शिविर में दोनों एक दूजे के साथ रहने को राजी हो गए।

एक ही शहर में किराए पर पति-पत्नी 

शहर में एक शिक्षक परिवार के बीच रिश्तों में मामूली कहासुनी को लेकर दरार आ गयी। जिससे दोनों शहर में ही किराए के मकान में अलग-अलग रहने लगे। चार वर्ष के बच्चे के साथ पत्नी अलग रहने लगी। जबकि पति शिक्षक अलग रहता था। विषय जब खाश शिविर में पहुंचा तो अधिकारियों के समझाइस के बाद दोनों एक साथ रहने को राजी हो गए।

किचेन में रहने को कहते हैं


ससुराल के लोग गर्भवती स्त्री को किचेन में रहने को कहते हैं। जिससे पति-पत्नी के बीच रिश्तों में दरार आ गई। गर्भवती स्त्री मायके रहने लगी। समझाइस के बाद दोनों परिवार एक दूसरे के साथ रहने को राजी हुए।