भारत के इस गांव में औरतों पर गज़ब का प्रतिबंध, नहीं पहन सकती नाइटी..!

भारत एक पुरुष प्रधान देश हैं। यहां की संस्कृति और परम्पराओं की वजह से यहां पर स्त्रियों के साथ कई तरह के भेदभाव किए जाते हैं।आपने देखा होगा अक्सर महिलाओं के कपड़े को लेकर लेकर लोग कई तरह की बातें करते हैं। उन पर कई तरह के सवाल भी उठाएं जाते हैं।इसी तरह चलिए आज हम आपको एक ऐसे गांव के बारे में बताएंगे। जहां महिला और पुरुष में भेदभाव किए जाते हैं।

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आपको बता दें आंध्र प्रदेश के गोदावरी जिले के तोकालापल्ली गांव में महिलाओं के कुछ कपड़ों पर प्रतिबंध लगाया गया। जी हां इस गांव में दिन के वक्त स्त्रियों के नाइटी पहनने पर प्रतिबंध लगा दिया गया हैं।इस गांव के बुजुर्गों ने एक आदेश लागू किया है कि कोई भी महिला दिन के वक्त नाइटी न पहने।उस गाँव में रहने वाले बुजुर्गों का कहना है कि नाइटी केवल रात के लिए होती हैं। इसलिए उन्हें रात्रि के वक्त ही पहनना चाहिए।

गांव के 9 सदस्यों की एक समिति ने एक रणनीति बनाई है, जिसमें यह सुनिश्चित किया गया है कि गांव की 1800 स्त्रियों में से कोई भी उनके आदेश का उल्लंघन न करे। यदि कोई स्त्री सुबह के सात बजे से शाम के सात बजे तक नाइटी पहने हुए दिखाई देती है तो उसे 2000 रुपये का जुर्माना देना होगा।मजे की बात ये भी है कि यदि कोई आदेश का उल्लंघन करने वाली महिलाओं के बारे में जानकारी देता है तो उसे ईनाम के तौर पर 1000 रुपये भी मिलेंगे। कुछ गांववालों का कहना है कि बुजुर्गों ने उन्हें दोषी पाए जाने पर सामाजिक बहिष्कार करने की धमकी दी हैं।उन्होंने यह भी कहा है कि इसके बारे में सरकारी अधिकारियों को कुछ न बताया जाए।

गांव की सरपंच फंतासिया महालक्ष्मी ने कहा कि खुले में कपड़े धोना, नाइटी पहने सब्जी की दुकान पर जाना या बैठक में उपथित होना अच्छा नहीं लगता हैं। उन्होंने कहा कि कुछ महिलाओं ने बुजुर्गों से इस पर पाबन्दी लगाने की मांग की थीं।जबकि उन्होंने किसी भी तरह का प्रतिबंध लगाने या फिर आदेश का उल्लंघन करना वालों के सामाजिक बहिष्कार की बात को इंकार कर दिया।ख़बरों के अनुसार गांव के बुजुर्गों द्वारा ये आदेश 9 महीने पहले दिया गया था और अब तक गांव के लोग इस आदेश का पालन कर रहे हैं।