अपने दादू ‘धीरूभाई अंबानी’ की फेवरेट थी ईशा, प्रत्येक सुबह पोती के साथ करते थे ये कार्य..!

भारत में शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति होगा जो अंबानी परिवार के बारे में नहीं जानता हैं। मुकेश अंबानी वर्तमान में भारत के सबसे अमीर शख्स हैं। रिलायंस इंडस्ट्री के मालिक मुकेश के साथ उनका पूरा परिवार भी सदैव सुर्ख़ियों का भाग बना रहता हैं। मसलन पिछले वर्ष दिसंबर में मुकेश की बेटी ईशा अंबानी हर न्यूज़ चैनल पर छाई हुई थी। गौरतलब हैं कि 12 दिसंबर 2018 को ईशा अंबानी और आनंद पिरामल एक दुसरे के साथ शादी के बंधन में बंधे थे।

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अंबानी और पिरामल परिवार एक दुसरे को पिछले 40 वर्षों से जानता हैं। ऐसे में इनकी दोस्ती रिश्तेदारी में तब्दील हो गई। वहीं ईशा और आनंद भी एक दुसरे को काफी लंबे समय से डेट कर रहे थे जिसके बाद दोनों ने परिवार की सहमती से शादी रचा ली। ईशा की शादी कितनी अधिक विशाल और भव्य थी इसका अंदाजा आप सभी को अच्छे से ही होगा। अब जब देश का सबसे अमीर आदमी अपनी इकलोती बेटी की शादी करेगा तो जाहिर सी बात हैं शोर शराबा और दिखावा तो होगा ही।

मुकेश अंबानी के पास इतनी सारी दौलत आने के पीछे उनके पिता धीरुभाई अंबानी का बड़ा योगदान रहा हैं। वे धीरुभाई ही थे जिन्होंने रिलायंस फाउंडेशन की नीव रखी थी। एक मध्यम वर्गीय परिवार से सम्बन्ध रखने वाली धीरुभाई अंबानी ने अपनी मेहनत और हुनर के दम पर इतना बड़ा नाम कमाया था। आप सभी ने धीरुभाई अंबानी की प्रोफेशनल लाइफ के बारे में तो कई बार पड़ा होगा, किन्तु आज हम आपको उनकी पर्सनल लाइफ के बारे में एक रोचक जानकारी देने जा रहे हैं। धीरुभाई अंबानी का परिवार बहुत हरा भरा रहा हैं जिसमे उनकी बीवी कोकिलाबेन, बेटे मुकेश, अनिल, बहू नीता, टीना और पोते पोती ईशा, आनंद, अनंत, अंशुल, अनमोल शामिल हैं. ऐसे में क्या आप जानते हैं कि इन सभी में वो सिर्फ ईशा ही थी जो अपने दादू धीरुभाई अंबानी की लाडली थी। ईशा को बाकी सभी सदस्यों की तुलना में आने दादा का सबसे अधिक प्यार मिलता था।

रोजाना सुबह ईशा के लिए ये काम करते थे धीरुभाई अंबानी


जब ईशा की शादी हुई थी तब उनकी दादी कोकिलाबेन ने धीरुभाई अंबानी और ईशा के रिलेशन को लेकर एक बहुत ही प्यारी बात शेयर की थी। उन्होंने बताया था कि ईशा अपने दादू की फेवरेट हुआ करती थी। यहाँ तक कि वे रोजाना सुबह स्वयं ईशा के रूम में जाकर उसे जगाने का काम करते थे। इतना ही नहीं धीरुभाई जब तक ईशा का मुंह नहीं देख लेते थे तब तक चाय नहीं पीते थे। ये बात बताते हुए कोकिलाबेन बहुत भावुक हो गई थी। साथ ही इस बात को सुन वहां बैठे सभी लोगो की आँखें भी नम पड़ गई थी। इस बहुत ही भाग्यशाली हैं जो उसे अपने दादा का इतना सारा प्यार मिला। अफ़सोस की वो ईशा की शादी ना देख सके, किन्तु वो जहाँ भी हैं यक़ीनन अपने लाडली पोती को आशीर्वाद दे रहे होंगे।