जिन्होंने आडवाणी को रथ रोककर किया था गिरफ्तार, वही आरके सिंह एक बार फिर बने मोदी के मंत्री..!

राजग की लगातार दूसरी सरकार के रूप में गुरुवार को नरेंद्र मोदी समेत 25 कैबिनेट मंत्रियों ने शपथ ग्रहण की। अमित शाह पहली बार केंद्रीय मंत्री बने। 3 साल विदेश सचिव रहे एस जयशंकर भी कैबिनेट मंत्री चुने गए। वहीं, राजकुमार सिंह एक बार फिर मोदी के मंत्री बने हैं। वर्ष 1952 में बिहार के सुपौल में जन्मे आरके सिंह 2017 में पहली बार मोदी की सरकार में केंद्रीय ऊर्जा राज्यमंत्री बनाए गए थे। यह वही राजनेता हैं, जिन्होंने बतौर जिलाधिकारी भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी को गिरफ्तार कर सुर्खियां बटोरी थीं। मोदी ने उनके उत्कृष्ट कार्यों को देखते हुए उन्हें दोबारा मंत्री बनवाया है।

आडवाणी को अरेस्ट करने वाले आरके सिंह भी मोदी के मंत्री


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आरके​ सिंह द्वारा आडवाणी को अरेस्ट किए जाने का मामला वर्ष 1990 का है। आरके​ सिंह जब समस्तीपुर में बतौर जिलाधिकारी तैनात थे। तब उनको बिहार के तत्कालीन मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव ने आडवाणी के रथ रोकने का आदेश दिया था। आडवाणी उन दिनों सोमनाथ से अयोध्या की यात्रा पर रथ के साथ निकले थे और 'राम रथ' को बिहार के समस्तीपुर ले गए थे। वहीं, 23 अक्तूबर 1990 को आरके सिंह ने आडवाणी की गिरफ्तारी कराई। जिसके बाद भाजपा ने तत्कालीन वीपी सिंह सरकार से अपना समर्थन वापस ले लिया था और सरकार गिर गई थी।

1975 बैच आईएएस, 2013 में हुए रिटायर


आरके सिंह 1975 बैच के बिहार कैडर के आईएएस अधिकारी रहे हैं। उन्होंने बिहार के कई जिलों में बतौर जिला अधिकारी के तौर पर अपना योगदान दिया है। वर्ष 2011 में वह केंद्रीय गृह सचिव बनाए गए और वर्ष 2013 में रिटायर हो गए। उन्होंने ही समझौता एक्सप्रेस और मालेगांव धमाके में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े संगठनों के लोगों के नाम सामने आने की बात कही थी। सरकारी सर्विस में अपना योगदान देने के बाद आरके सिंह ने नौकरी से सेवानिवृत्त होने के बाद राजनीतिक सफर का आरम्भ की। 64 वर्ष की उम्र में वर्ष 2017 में वह नरेंद्र मोदी के कैबिनेट में शामिल हुए।

प्रशासनिक सेवा से रिटायरमेंट के बाद जुड़े भाजपा से

भारतीय प्रशासनिक सेवा से रिटायरमेंट के बाद आरके सिंह के मन में राजनीति करने की इच्छा जगी। वह 2014 में बीजेपी के साथ हो लिए। बीजेपी ने भी उन्हें सम्मान देते हुए पहली बार लोकसभा चुनाव में टिकट दिया। उन्होंने आरा सीट पर विजय प्राप्त की थी। इस बार भी वह जीते। उन्हें आरा में 566480 वोट मिले। आरके सिंह ने सीपीआई के राजू यादव को 14,72,85 वोटों से हराया।

ऐसे प्राप्त की शिक्षा


आरके सिंह के बारे में यह बात भी बहुत कम लोग जानते हैं कि उन्होंने 1986 में आरवीवी नीदरलैंड से मैनेजमेंट में डिप्लोमा की डिग्री प्राप्त की। वर्ष 1973 में उन्होंने सेंट स्टीफन कॉलेज दिल्ली विश्वविद्यालय से अंग्रेजी में स्नातक की थी। वर्ष 2000 में मगध विश्वविद्यालय से विधि स्नातक की डिग्री हासिल की।

मोदी की कैबिनेट में इस बार 25 कैबिनेट मंत्री

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत 25 कैबिनेट मंत्रियों ने इस बार राष्ट्रपति भवन में शपथ ली। सुषमा स्वराज को मंत्री नहीं बनाया गया। वे समारोह के दौरान दर्शक दीर्घा में बैठीं। पिछले कार्यकाल, अर्थात वर्ष 2014 में 45 मंत्रियों को शपथ दिलाई गई थी। हालांकि, बाद में कुल मंत्रियों की संख्या 76 हो गई थी। इस बार कैबिनेट में 53 मंत्री भाजपा के हैं और सहयोगी दलों के मंत्रियों की संख्या 4 है।

विभागों का बंटवारा, आरके सिंह के पास यह पद


राजग की दूसरी सरकार के मंत्रिमंडल के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में शुक्रवार को मंत्रियों के विभागों का बंटवारा हुआ। इसमें अमित शाह को गृह मंत्री बनाया गया। निर्मला सीतारमण को वित्त मंत्रालय सौंपा गया। राजनाथ सिंह रक्षा मंत्री बनाए गए। वहीं, पूर्व विदेश सचिव एस जयशंकर विदेश मंत्री बनाए गए। जबकि, आरके सिंह को इस नई सरकार में राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार के रूप में शामिल किया गया। पिछली सरकार में वह बिजली और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री रहे थे।
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