ISIS जॉइन करने के लिए घर से भागी थी लड़की, 4 वर्ष बाद हुआ ऐसा हस्र कि अपने ही स्थिति पर आया रोना..!

ISIS विश्व का सबसे बड़ा आतंकी संगठन माना जाता है. ये बस अपने नाम भर से ही दुनिया भर के लोगों में दहशत और आतंक फैला देता है। ISIS बहुत समय से कई बड़े देशों में अपने पांव फ़ैलाने की फिराक में लगा हुआ है। ये संगठन देश के युवाओं को भ्रमित करके अपने संगठन में शामिल होने के लिए मजबूर कर देता है। कई बार तो आपने सोशल मीडिया पर ऐसी कई विडियोज और तस्वीरें देखी होंगी जिसमें युवाओं को इस संगठन में शामिल होते हुए दिखाया जाता है। इन खबरों के बीच एक 19 साल की लड़की शमीमा बेगम सामने आई है।

4 वर्ष पाहले छोड़ आई थी घर-परिवार


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बता दें, आज से 4 साल पहले शमीमा इस आतंकी संगठन में शामिल होने के लिए ब्रिटेन से इस इस्लामिक देश आई थी। अब यहां आने के 4 वर्ष बाद शमीमा को अपने घर और घरवालों की याद सता रही है। 4 वर्ष बाद वह अपने घर वापस जाना चाहती है। बता दें कि इस संगठन में शामिल होने आई शमीमा यहां एक रिफ्यूजी कैंप में रह रही है और वह 9 महीने की गर्भवती भी है।

इन 4 वर्षों में बदल गया बहुत कुछ


जब शमीमा ने ब्रिटेन में अपना घर छोड़ा था तब वह मात्र 15 वर्ष की थी। बता दें, घर से भागते वक़्त शमीमा अकेली नहीं थीं। वह अपने दो क्लासमेट्स के साथ घर छोड़कर इस ख़ौफनाक संगठन में शामिल होने के लिए भागी थी। ये तीनों लड़की लंदन में अपना घर छोड़कर सीरिया जा पहुंची। इन चार सालों में शमीमा ने आतंक का जो मंजर अपनी आंखों से देखा है उसे बयां कर पाना कठिन है। जब इस बारे में शमीमा बेगम से पूछा गया तो उसने कहा, “तब और आज की शमीमा में जमीन आसमान का अंतर आ चुका है। मैंने अपने सामने सिर कलम होते हुए देखा है। बम धमाके देखे हैं। मैं अब वो मूर्ख बच्ची नहीं हूं जो चार वर्ष पहले स्कूल से भाग गयी थी और ना ही मुझे इस बात का पछतावा है कि मैंने आतंकी संगठन जॉइन किया था। किन्तु अब मैं थक चुकी हूं और घर वापस लौटना चाहती हूं”

तीसरी बार गर्भवती है शमीमा


शमीमा ने आगे बताते हुए कहा कि स्कूल की ही एक लड़की शरमीना बेगम वर्ष 2014 में सीरिया इस संगठन में शमिल होने के लिए भाग गयी थी। इसके बाद ही मैं और मेरी दो सहेलियों ने भी सीरिया भागने का निर्णय किया और वहां ISIS के लड़कों से शादी कर ली। शमीमा अभी 9 महीने की गर्भवती है और इससे पहले भी दो बार मां बन चुकी है। किन्तु शमीमा के वह दोनों नवजात बच्चे मर गए थे। किन्तु तीसरी बार गर्भवती होने के बाद वह वहां से भागना चाहती थी क्योंकि वह नहीं चाहती थी कि उसका ये बच्चा भी मर जाए। बता दें, शमीमा ने डच नागरिक से शादी की थी जो उस समय ISIS में शामिल होने आया था।

जीत के हिस्सेदार नहीं हैं वो लोग


शमीमा ने आगे बताते हुए कहा कि, “खलीफा खत्म हो गया है। मैंने इतना जुल्म और भ्रष्टाचार देखा है कि मुझे नहीं लगता कि अब वो लोग जीत के हकदार हैं” शमीमा ने आगे कहा, “मैं जानती हूं मेरे बारे में सब क्या सोचते हैं। मेरे बारे जो कुछ भी लिखा गया, मैंने वह सब ऑनलाइन पढ़ा है। किन्तु अभी मैं बस घर जाना चाहती हूं और अपने बच्चे को जन्म देना चाहती हूं” अपनी दोस्तों को याद करते हुए शमीमा ने कहा कि उसने अपनी सहेलियों को पिछले वर्ष जून महीने में देखा था और तब वह बहुत प्रसन्न थीं। फिलहाल उसे नहीं पता कि उसकी दोनों सहेलियां कहां है।