सेक्स रैकेट का पर्दाफास: स्कूल के नजदीक एक ब्यूटी पार्लर की आड़ में 16 महीनें से चल रहा था देह व्यापार..!

मेरठ में मेडिकल थाना क्षेत्र के पॉश शास्त्रीनगर के. ब्लॉक में रविवार को सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है। एसएसपी के निर्देश पर थाना एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (एएचटीयू) और मेडिकल पुलिस ने यहां एक मकान में छापा मारा तो पता चला कि लगभग डेढ़ वर्ष से देह व्यापार चल रहा था। अवसर से दो स्त्रियां और दो युवकों को गिरफ्तार किया गया है।

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सीओ एएचटीयू संजीव देशवाल के मुताबिक बहुत दिनों से सूचना मिल रही थी कि शास्त्रीनगर के ब्लॉक में विद्या मंदिर स्कूल के पीछे गली में एक मकान में देह व्यापार चल रहा है। इसकी गोपनीय जांच की गई तो शिकायत सही पाई गई। रविवार दोपहर इंस्पेक्टर एएचटीयू बृजेश कुमार और इंस्पेक्टर मेडिकल प्रशांत मिश्र ने महिला पुलिस के साथ इस मकान पर छापा मारा।

मौके से रोहित शर्मा निवासी एल ब्लॉक शास्त्रीनगर, ग्राहक टेकचंद गिरी निवासी भोपाल विहार भावनपुर के अतिरिक्त लोहियानगर निवासी स्त्री और रेलवे रोड क्षेत्र निवासी युवती को गिरफ्तार कर लिया है। सीओ ने बताया कि जांच में ये मकान रामपाल प्रधान का बताया गया है।

मकान मालिक ने मकान किराए पर दे रखा था। जिसमें आरोपी रोहित परिवार की एक महिला के साथ करीब डेढ़ साल से देह व्यापार कर रहा था। गिरफ्तार चारों आरोपियों के खिलाफ अनैतिक देह व्यापार अधिनियम के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। मकान मालिक और रोहित के परिवार की स्त्री की किरदार की जांच की जा रही है।

महिलाओं ने खोला मोर्चा


मकान में देह व्यापार का पर्दाफाश होने के बाद आसपास के लोगों की भीड़ लग गई। इस वक़्त महिलाओं ने रोहित के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। रोहित और उसके परिवार की महिला को लानत देते हुए कहा कि ये गंदा धंधा करते हुए शर्म नहीं आई। जबकि पास ही स्कूल भी है।

इंस्पेक्टर के पैर छूने लगा टेकचंद

जैसे ही पुलिस टेकचंद को जीप में बैठाने लगी, तभी आरोपी इंस्पेक्टर बृजेश कुमार के पैर छूने लगा। बोला कि साहब बदनाम हो जाऊंगा, माफ कर दो। पहली बार आया था। मेरी जिंदगी बर्बाद हो जाएगी। किन्तु पुलिस ने एक नहीं सुनी और उसे गिरफ्तार कर लिया।

ब्यूटी पार्लर की आड़ में देह व्यापार


सीओ संजीव देशवाल के अनुसार गिरफ्तार रोहित ने बताया कि आसपास के लोगों को यही पता था कि ब्यूटी पार्लर चलता है। कॉल करके भी लोगों को बुलाया जाता था। वाहन मकान से दूर खड़े करवा दिए जाते थे। रोहित के मोबाइल की जांच में एक दर्जन नंबर संदिग्ध मिले हैं, जिनकी जांच की जा रही है।