औरतों की ये 2 गलतियां बच्चों को बना देतीं हैं कुपोषित, पहली गलती 75% औरतें करतीं हैं..!


आज के वक़्त सरकार की बहुत योजनायें देश को कुपोषण मुक्त बनाना चाहतीं हैं किन्तु आज भी हमारे देख में कई लाख बच्चे कुपोषण का शिकार हैं। हाल ही में बिहार में एक महामारी से 50 से ज्यादा बच्चों की मौत हो गई और ये महामारी विशेषकर कुपोषित बच्चों को ही शिकार बना रही है। 

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ऐसे बहुत से उदाहरण हैं जिनमे कुपोषित बच्चे मौत का शिकार हुए है। बच्चों का कुपोषित होना कई बातों पर निर्भर करता है। आज के इस लेख में हम आपको महिलाओं की ऐसी दो गलतियों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनके वजह बच्चे कुपोषण का शिकार हो जाते हैं। आइये जानते हैं उन दो गलतियों के बारे में।

1.बच्चों को खुद का दूध न पिलाना


विश्व स्वास्थ्य संगठन की एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में 75 प्रतिशत स्त्रियां ऐसी हैं, जो बच्चों को खुद का दूध नहीं पिलातीं हैं। माँ का दूध बच्चों के लिए काफी ही सुपाच्य और ताकतवर माना जाता है। माँ का दूध सेवन करने वाले बच्चों का सेहत अच्छा रहता है। माँ के दूध का सेवन करने वाले बच्चों बच्चों का इम्यून सिस्टम मजबूत रहता है, जिसके वजह बच्चों के शरीर पर बीमारियां अटैक नहीं कर पातीं हैं।

2.बाहर की चीजों को खिलाना


ज्यादातर स्त्रियां जैसे ही बच्चा एक वर्ष का होता है उसे बाहर की चीजें खिलाने लगतीं हैं। बाजार से लाई गई चीजें बच्चे अच्छी प्रकार से पचा नहीं पाते हैं, जिसके वजह उनका लिवर कमजोर हो जाता है। बच्चों को बाहर की चीजों की जगह, चावल का मांड, दाल का पानी और दलिया इत्यादि खिलाना चाहिए।