घरवालों की बाते सुन बहक गया नाबालिग भाई, 21 वर्ष की गर्भवती बहन के साथ..!

राजपूत समाज में अपने परिवार के मर्जी के बगैर विवाह करने के कारण से उसके अपने सगे छोटे भाई ने गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया। लड़की जाट परिवार से थी। बताया जा रहा है कि घर में अक्सर इस बात की चर्चा होती थी कि बुलबुल ने दूसरी बिरादरी में विवाह करके घरवालों का नाक कटा दिया। शायद इन्ही सब बातों को सुनकर उसका 17 वर्गीय भाई बहक गया और मानवता को भूल गया।

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पिस्तौल खरीदने के लिए उसने गाँव के ही एक व्यक्ति की सहायता ली और उसे 5 हजार रुपये दिए परंतु उसने इस बात की भनक किसी को नही लगने दी कि वह इतना बड़ा कदम उठाने जा रहा है। 12:30 बजे बुलबुल पार्थिव शरीर रावड़ा गांव पहुंचा। पोस्टमार्टम की रिपोर्ट के अनुसार, यह पाया गया कि उसके गर्भ में पल रहा बच्चा 6 महीने का हो चुका था और उसके हाथ-पैर विकसित हो चुके थे।

घटना के बाद से पूरे गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है, कोई भी इस मामले पर बात करने को तैयार नहीं है। 1:25 बजे जब बुलबुल का शव निकाला गया, घर के बाहर केवल 10 15 रिश्तेदार मौजूद थे, जबकि बुलबुल का कोई भी मायकेवाला मौजूद नहीं था। गाँव में भी कोई जाट परिवार नहीं था। यहाँ तक कि गाँव के राजपूत समाज और अन्य लोगों ने भी दूरियाँ बना लीं। सिर्फ कुलदीप के रिश्तेदार और करीबी रिश्तेदार उपस्थित थे। पोस्टमार्टम के बाद शव घर पहुंचने पर केवल 15 मिनट तक ही रखा गया। दोपहर 3.40 बजे, देवर ने बुलबुल के चिता को आग लगा दी। समाज के डर से बुलबुल के मायके वाले इतने निर्दयी हो चुके थे कि उन्हें ये भी पता नहीं चला कि समाज अपनों से बनता है, ना कि अपने समाज से बनते है।

प्रत्यक्षदर्शी गवाह मंजू बाई ने कहा कि जिस वक़्त आरोपी ने गोली मारी, बुलबुल मुझसे बात कर रही थी और कह रही थी कि बच्चा पेट में घूमना शुरू कर दिया है। हम सभी बहुत खुश थे और हमें लगा कि बच्चे के इस दुनिया में आने के बाद, दो परिवारों के बीच की दुश्मनी खत्म हो जाएगी। लेकिन हमें यह बिल्कुल नहीं पता था कि बुलबुल के साथ ऐसा होगा। लोगों का कहना है कि बुलबुल अपने छोटे भाई को बहुत अधिक मानती थी और किसी ना किसी बहाने उसका खोज समाचार लेती रहती थी किन्तु उसके नही पता था कि वो जिसे इतना मानती है वही उसे मौत की नींद सुला देगा।