प्रवर्तन निदेशालय ने अपने कब्जे में ली सूरत के कारोबारी रूपचंद बैद की 6000 से अधिक गाड़ियां, जानिए ये है कारण..!

गुजरात के सूरत शहर की बड़ी कंपनी के निदेशक रूपचंद बैद की 6000 से अधिक गाड़ियां प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने ज़ब्त कर ली है। एसवीएलएल के मालिक पर बैंक लोन धोखाधड़ी व मनी लॉन्ड्रिंग मुद्दे में कार्रवाई हुई है।

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इसीलिए जांच एजेंसी ने तकरीबन 1,610 करोड़ रुपये की 6,000 से ज्यादा गाड़ियां कुर्क की हैं। प्रवर्तन निदेशालय ने व उसके निदेशक रूपचंद बैद के विरूद्ध मनी लॉन्ड्रिंग निरोधक कानून (पीएमएलए) के तहत संपत्ति कुर्क करने के लिए अस्थायी आदेश जारी किया है। इसको लेकर प्रवर्तन निदेशालय की ओर से जारी बयान में बोला गया है कि फर्जी दस्तावेज के आधार पर कर्मचरियों व चालकों के नाम पर लोन लिए गए। बैद ने संबंधित इकाइयों के विभिन्न खातों के जरिये रकम को ठिकाने लगाया।

क्या है विषय- बैंक आफ महाराष्ट्र के लोन धोखाधड़ी मुद्दे में गलत ढंग से अर्जित 836.29 करोड़ रुपये की ब्लैकमनी को सफेद करने के मुद्दे में कथित भूमिका को लेकर रूपचंद बैद को इससे पहले अरैस्ट भी किया था। हालिया आदेश के तहत 1,609.78 करोड़ की 6,170 गाड़िया कुर्क की गई हैं।

>> केंद्रीय जाँच एजेंसी ने इससे पहले जून 2017 में 19 करोड़ रुपये से ज्यादा की दौलत कुर्क की थी।
>> ईडी ने बताया कि उसने CBI की एफआईआर के आधार पर कंपनी व उसके निदेशकों के विरूद्ध मनी लॉन्ड्रिंग का केस पंजीकृत किया है।

>> ईडी के मुताबिक बैंकों से ‘चालक से मालिक’ जैसी विभिन्न योजनाओं के तहत लोन लिए गए। इसमें लोन कंपनी के चालकों व कर्मचारियों के नाम पर पुराने व नए वाहनों की खरीद को लेकर लिए गए।

>> जांच एजेंसी ने बोला कि लोन का प्रयोग उस कार्य के लिए नहीं किया गया, जिसके लिए वह लिया गया था।
>>इसे संबंधित इकाइयों व एसवीएलएल के खातों के जरिये ठिकाना लगाया गया व बाद में पर्सनल लाभ, कंपनी खर्च व पुराने लोन के भुगतान में उसका इस्तेमाल किया गया।