गर्म करने पर 80 लीटर दूध बन गया रबर, जानिए कैसे..!

चौमूं तहसील क्षेत्र में नांगल भरड़ा-वीर हनुमान मंदिर रोड स्थित जानकीनाथजी मंदिर परिसर में गुरुवार को हुए कुमावत समाज के एक समारोह में डेयरी से मंगाए दूध को गर्म करने पर रबड़ जैसा हो गया। नगरपालिका अध्यक्ष की शिकायत पर जयपुर सीएमएचओ प्रथम ने शाम को खाद्य अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंची। टीम के सदस्यों ने दूध में प्रथम दृष्टया मिलावट मानते हुए दूध के नमूने लिए। रात 8 बजे तक टीम के सदस्य जांच पड़ताल एवं पूछताछ में जुटे हुए थे।

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खबरों के मुताबिक नांगल भरड़ा-वीर हनुमान रोड पर श्रीजानकीनाथजी का मंदिर है, जिसमें क्षत्रिय कुमावत समाज एकता संस्थान चौमूं की ओर से प्रतिभा सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इसमें शिरकत करने वाली प्रतिभाओं एवं अन्य लोगों को चाय पिलाने की मंशा से आयोजकों ने निवाणा स्थित एक निजी डेयरी का बूथ निवाणा, बांस का टीबा से एक केन में दूध लाए थे। दूध को गर्म किया गया तो उसमें रबर जैसा बन गया।

प्लास्टिक जैसे लौथड़े हो गए। जैसे ही इसकी समाचार समाज के लोगों ने अतिथि के तौर पर उपस्थिति हुई नगरपालिकाध्यक्ष को दी, तो उन्होंने सीएमएचओ प्रथम जयपुर को फोन पर इससे अवगत करवाया। सीएमएचओ के निर्देश पर खाद्य अधिकारियों की एक टीम ने अवसर पर पहुंचकर दूध की गुणवत्ता की जांच की तो शिकायत सही पाई गई। दूध रबर की प्रकार खिंच रहा था। इस वक़्त कुमावत समाज के लोगों ने एक निजी कंपनी की डेयरी के विरुद्ध खाद्य

अधिकारियों को सीएमएचओ के नाम ज्ञापन सौंपकर कार्यवाही की मांग की है। इस वक़्त समाज के लोगों ने शिकायत की कि जब दूध के लिए डेयरी संचालक को उलाहना देने गए तो उसने साफ तौर पर उसका दूध होने से ही मना कर दिया। इससे समाज के लोगों में रोष है। सेहत विभाग की टीम ने दूध के नमूने लेकर जांच पड़ताल व पूछताछ की।

जयपुर जाता है दूध

चौमूं तहसील क्षेत्र से जयपुर शहर में लगभग 10 हजार लीटर से ज्यादा दूध बिकने जाता है। वहीं बड़़े स्तर पर यहां स्थानीय स्तर पर मावा निर्माण का काम होता है। यहां से दूध व मावा दूरस्थ स्थानों पर बिकने जाता है। सूत्रों की मानें तो दूध का उत्पादन कम एवं मांग अधिक होने के कारण माना जा सकता था कि कहीं ना कहीं मिलावटी दूध व मावा बनाने का अवैध कारोबार भी इसकी आड़ में पनप रहा है।

इनका कहना है


मिलावटी दूध की सूचना मिलते ही तुरंत प्रभाव से एक टीम को अवसर पर भेज दिया था। टीम ने प्रथम दृष्टया दूध में मिलावट होना है। दूध रबर की खींच रहा था, जिसका नमूना ले लिया है। जांच के बाद संबंधित डेयरी के विरुद्ध कार्यवाही करेंगे। इतना ही नहीं, मिलावटी दूध व मावा के विरुद्ध योजना तैयार करके जल्द ही चौमूं तहसील क्षेत्र में अभियान चलाएंगे।