दूल्हा के मांग में सिंदूर भरने ही वाला था कि एकाएक दुल्हन उठकर कही- मैं किसी और को चाहती हूं, फिर..!

दूल्हा व दुल्हन पक्ष के लिए उस वक़्त गंभीर व शर्मसार करने वाली स्थिति उत्पन्न हो गई जब मंडप में विवाह चल रही थी। सोमवार की रात दूल्हा धूमधाम से बारात लेकर दुल्हन को लेने आया था। सभी रस्में पूरी होने के बाद सिंदूर दान की रिवाज चल रही थी। दूल्हा चुटकी में सिंदूर लेकर दुल्हन की मांग में भरने ही वाला था कि दुल्हन एकाएक खड़ी हो गई।

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उसने कहा कि वह किसी और को चाहती है, फिर क्या था दूल्हा तो परेशान रह ही गया, दोनों पक्ष के लोगों भी सन्न हो गए। चंद पल में ही विवाह टल गई। इसके बाद दूल्हे ने किसी गरीब घर की लड़की से शादी की और दुल्हन के घरवालों ने बेटी को अपनाने से इनकार कर दिया। फिलहाल युवती को नारी निकेतन में भेजा गया है।

विषय अंबिकापुर स्थित चंबोथी तालाब का है। यहां रहने वाली युवती की विवाह उदयपुर क्षेत्र के एक युवक से तय हुई थी। 24 जून को विवाह की तिथि फिक्स हुई। दूल्हा (Groom) बारातियों के साथ दुल्हन के घर पर पहुंच गया। बारातियों के डांस के साथ द्वारचार हुआ। विवाह की तकरीबन सभी रस्में पूरी कर ली गईं।

विवाह की अंतिम रस्म दुल्हन की मांग में सिंदूर भरना बाकी था। दूल्हा जब चुटकी में सिंदूर लेकर दुल्हन के पास पहुंचा तो दुल्हन एकाएक भरे मंडप में खड़ी हो गई। उसने सबके सामने कहा कि वह किसी और को चाहती है। ये सुनते ही वहां हड़कंप मच गया। दोनों पक्षों में इस बात को लेकर विवाद भी हो गया। अंत में विवाह यहीं रुक गई।

दूल्हे ने दूसरी युवती को बनाया दुल्हन

विवाह टल जाने के बाद दूल्हा पक्ष के लोगों ने बदनामी न हो, इस वजह अपने ही समाज की दूसरी लड़की से आनन-फानन में विवाह फिक्स कर दी। फिर अगले दिन 25 जून को महामाया मंदिर में दूल्हे की विवाह हो गई।

घरवालों ने दुल्हन को निकाला


दुल्हन द्वारा विवाह से मना कर दिए जाने के बाद उसके परिजनों ने उसे घर से ही निकाल दिया। उन्होंने बेटी को कोतवाली पुलिस के सुपुर्द करते हुए कहा कि हमारा इससे कोई लेना-देना नहीं है। इसके बाद पुलिस ने युवती को नारी निकेतन के सुपुर्द कर दिया।