मेडिकल साइंस को चुनौती देता इच्छाधारी नाग-नागिन का यह जोड़ा, जानिए क्या है वजह..!

मैनपुरी के किशनी थाना क्षेत्र के ग्राम अरसारा में एक दंपत्ति खुद को इच्छाधारी नाग-नागिन होने का दावा कर रहे हैं। वह कैंसर सहित और भी बहुत असाध्य बीमारियों का उपचार करते हैं। किसी भी व्यक्ति के शरीर पर जिस जगह कष्ट है उस जगह को ये दपंत्ति चूस कर उपचार करते हैं। इस बारे में जिला अस्पताल के सीएमएस का कहना था कि ऐसे लोग समाज को भ्रमित और लोगों को ठगने का काम करते हैं। मेडिकल साइंस के अतिरिक्त कैंसर का इलाज कहीं भी सम्भव नहीं है।

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उन्होंने भोलीभाली जनता से अपील की कि लोग ऐसे लोगों के चक्कर में न आये और डॉक्टरों के पास अपने मरीज को ले जाकर इलाज कराएं। वहीं जिला स्त्री चिकित्सालय के सीएमएस का भी यही कहना था कि लोग ऐसे फर्ज़ी बाबाओं के चक्कर में आएं और अपने मरीज़ का उपचार किसी अच्छी जगह ले जाकर कराएं। वहीं जिला अस्पताल में तैनात सर्जन डॉ गौरांग का कहना था कि मेडिकल के अलावा इसका यानि कैंसर का कहीं उपचार सम्भव नहीं लोग ऐसे लोगों के चक्कर में न आएं और इन बाबाओं से बच कर रहें।

वहीं यहां के पढ़े-लिखे युवाओं का भी यही कहना है कि चूसकर कैंसर का कहीं इलाज सम्भव नहीं है जो भी व्यक्ति ऐसा दावा करता है वो पूरी प्रकार से फ़र्ज़ी है। वहीं एक का तो ये भी कहना था कि-मेरे पिता को भी कैंसर था में भी एक बार ऐसे ही लोगों के चक्कर में फंस गया था जहां जाने के बाद मेरे पिता आज इस संसार में नहीं है में लोगों से अपील करता हूँ कि लोग ऐसे बाबाओं के चक्कर में न आएं। वहीं कैमरे पर जब इसके बारे में बाबा से पूंछा गया तो वो साफ़ कहता है कि हां ये सत्य है कि में इच्छाधारी नाग हूं। पूर्व जन्म का मेरा दोनों का जोड़ा है। ये मेरी धर्मपत्नी नागिन है, मैं नाग हूं। समाज का भला कर रहा हूं। लोगों को दुआ देता हूं, जिंदगी दान देता हूं।