ये छोटू तो बहुत शातिर निकला, पांच दिन में ही पांच पिता चेंज किया..!

जंक्शन पर लावारिस मिले साढ़े नौ वर्ष के छोटू ने पांच दिन तक चाइल्ड लाइन और बाल कल्याण समिति को खूब घुमाया। छोटू ने पांच दिन में पांच पते और पांच पिता के नाम बदल दिए। प्रतिदिन नया पता बताया। पिता के नाम भी बदलता रहा। चाइल्ड लाइन की टीम छोटू का फोटो लेकर शहर की डेयरी-डेयरी घूमी तो पता हाथ आया। बाल कल्याण समिति ने छोटू परिवार को सौंप दिया। प्रत्येक महीने छोटू के बारे में परिवार को बाल कल्याण समिति को छोटू के बारे में जानकारी देनी होगी।

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28 जून को जीआरपी ने लावारिस बताते हुए साढे़ नौ साल का छोटू चाइल्ड लाइन को सौंपा था। बच्चे ने शुरूआत में अपना नाम रोहित और पिता का नाम खुर्शीद बता दिया। बदायूं रोड के एक गांव का पता बताया। बच्चे को बाल कल्याण समिति के सामने दर्ज किया। सीडब्ल्यूसी ने छोटू की काउंसलिंग की। छोटू ने बाल कल्याण समिति को सही पता नहीं बताया। बाल कल्याण समिति ने चाइल्ड लाइन के छोटू की गिनती कर सही पता करने को कहा। चाइल्ड लाइन पांच दिन तक छोटू की काउंसलिंग करती रही। प्रत्येक बार छोटू ने नया पता बताया।

प्रत्येक पते की चाइल्ड लाइन की टीम ने पड़ताल की। सब पते गलत निकले। छोटू ने बरेली में अपने पिता की डेयरी बताई। चाइल्ड लाइन छोटू का फोटो लेकर डेयरी-डेयरी पहुंचीं। कालीबाड़ी की एक डेयरी वाले ने छोटू को अपना बेटा बताया। चाइल्ड लाइन ने परिवार वालों की छोटू से मुलाकात कराई। सीडब्ल्यूसी के मजिस्ट्रेट डीएन शर्मा ने जांच-पड़ताल के बाद छोटू परिवार को सौंप दिया।

परिवार वाले नहीं थे छोटू को ले जाने को राजी 

बाल कल्याण समिति के सामने परिवालों ने छोटू को ले जाने से इंकार कर दिया। परिवार वालों ने बताया कि छोटू कई बार घर से भाग चुका है। सीडब्ल्यूसी की काउंसलिंग के बाद परिवार वाले छोटू को ले जाने को तैयार हुए।