पत्नी के घर छोड़कर जाने से हैरान राजमिस्त्री ने दो बेटों और बेटी को पानी पिलाकर खुद की आत्महत्या..!

गांव दोदवा में पत्नी के घर छोड़कर जाने से हैरान राजमिस्त्री ने दो बेटों और एक बेटी को जहर खिलाकर मारने के बाद खुद भी आत्महत्या कर ली। घटना चार दिन पहले की बताई जा रही है। चारों के शव घर के अंदर सड़ी हुई हालत में मिले हैं। बच्चों के स्कूल नहीं जाने पर शिक्षक ने अन्य बच्चों को देखने के लिए घर भेजा तो अंदर से गेट बंद मिला। घर के अंदर से दुर्गंध आ रही थी। छत पर जाकर देखने के बाद लोगों को विषय का पता लगा। सूचना मिलने पर सदर थाना पुलिस अवसर पर पहुंची और शवों को पोस्टमार्टम के लिए सरकारी अस्पताल भिजवाया। जहां से चारों शवों को गांव खानपुर कलां स्थित बीपीएस राजकीय स्त्री मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल भेज दिया गया। पुलिस विषय की जांच कर रही है।

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मूलरूप से दिल्ली में नजफगढ़ के गांव दीनपुर का महेंद्र (40) सात वर्ष से अपने बच्चों के साथ गांव दोदवा में रहता था। दोदवा में महेंद्र की शादीशुदा बहन का घर है। वह उससे अलग मकान लेकर रह रहा था। महेंद्र राजमिस्त्री था। महेंद्र का अपनी पत्नी नूरजहां से मनमुटाव चल रहा था और वह करीब दो माह पहले घर छोड़ कर चली गई थी। जिसके बाद से महेंद्र मानसिक रूप से परेशान रहता था। करीब चार दिन से महेंद्र व उसका बेटा समीर (11), बेटी सोनिया (9) और छोटा बेटा राज (6) दिखाई नहीं दे रहे थे। तीनों बच्चे गांव के सरकारी स्कूल में पढ़ते थे। चार दिन से बच्चे स्कूल नहीं गए तो एक शिक्षक ने सोमवार को अन्य बच्चों को महेंद्र के घर देखने के लिए भेज दिया। जब बच्चे महेंद्र के घर पहुंचे तो दरवाजा अंदर से बंद मिला।

उन्होंने आवाज दी, किन्तु पलटकर कोई आवाज नहीं आई। जिसके बाद आसपास के लोग भी एकत्रित हो गए। लोगों के आने पर उन्हें घर से दुर्गंध आई। उन्होंने ऊपर चढ़कर देखा तो चारों के शव पड़े थे। जिस पर दरवाजे को खोल कर पुलिस को सूचना दी गई। तीनों बच्चों के शव बेड पर व महेंद्र का एक शव चारपाई पर सड़ी हुई हालत में था। बच्चों के ऊपर रजाई डाली गई थी। बच्चों ने स्कूल पहुंच कर घटना के रिश्ता में अपने शिक्षकों को बताया। इसके बाद ये घटना पूरे गांव में फैल गई। पुलिस ने चारों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए गोहाना के सरकारी अस्पताल में भिजवाया। वहां से चिकित्सकों ने चारों शवों को बीपीएस राजकीय स्त्री मेडिकल कॉलेज के अस्पताल के लिए भेज दिया।

पुलिस ने महेंद्र के भांजे सद्दाम के बयान दाखिल कर कार्रवाई शुरू कर दी है। शक जताया जा रहा है कि महेंद्र ने तीनों बच्चों को जहर देकर मारने के बाद खुद भी जहर खाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस विषय की जांच कर रही है। महेंद्र के भांजे सद्दाम ने गवाही दिया है कि उसकी मामी नूरजहां के बीच मनमुटाव रहता था। उसकी मामी दो माह पहले घर छोड़कर चली गई थीं, जिससे मामू महेंद्र ज्यादा परेशान रहने लगे। मानसिक परेशानी के चलते ही महेंद्र ने पहले बच्चों को जहरीला पदार्थ खिलाया और बाद में खुद निगल लिया होगा। इसी आधार पर विषय की जांच की जा रही है।