मुकेश कचौड़ी दुकान पर GST का छापा, दुकानदार ने कहा, मोदीजी ने ये तो नहीं बोला था..!

पीएम मोदी ने कहा, पकौड़ी बनाओ, मुकेश ने कचौड़ी बनाई। अब ये कचौड़ी मुकेश के लिए परेशानी लेकर आ गई है। परेशानी जीएसटी की। परेशानी टैक्स की। टैक्स डिपार्टमेंट का कहना है कि मुकेश की वर्ष की आमदनी लाखों रुपए में है। उसे टैक्स चुकाना ही होगा। बिना टैक्स चुकाए कचौड़ी नहीं बना पाएगा। दूसरी ओर मुकेश का कहना है कि उसकी आमदनी को लेकर अफसरों को भरमाया गया है। उसकी इनकम इतनी नहीं, जितनी जीएसटी डिपार्टमेंट के अफसर बता रहे हैं। वैसे भी मोदी जी ने कहा था कि सालाना 40 लाख रुपए से कम की आमदनी वाले दुकानदारों के लिए जीएसटी रजिस्ट्रेशन आवशयक नहीं है।

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विषय क्या है विस्तार से जानिए? ये विषय है यूपी के शहर अलीगढ़ का। शहर में कचौड़ी की एक चर्चित दुकान है। नाम है मुकेश कचौड़ी भंडार. 20 जून को सेल्स टैक्स डिपार्टमेंट के अफसरों ने यहां छापा मारा। इस वक़्त अफसरों ने जब कचौड़ी वाले की बिक्री देखी तो उनके होश उड़ गए। कचौड़ी वाले की बिक्री धड़ाधड़ चल रही थी। सुबह से लेकर दोपहर बाद तक दनादन कचौड़ियां बिक रही थीं। इससे अधिकारियों ने अंदाजा लगाया कि उसकी वर्ष में आमदनी 60 लाख रुपए से अधिक है। इस पूरे विषय की जांच वाणिज्य कर विभाग कर रहा है। किसी ने कचौड़ी वाले की शिकायत राजस्व इंटेलीजेंस विभाग से की थी। इसके बाद वाणिज्य कर विभाग की स्पेशल इनवेस्टीगेशन टीम ने जांच शुरू की। एसआईबी के डिप्टी कमिश्रर रवेंद्र पाल सिंह कौंतेय ने बताया।

‘जांच से पहले कचौड़ी वाले की दुकान पर तीन-चार दिन की बिक्री का अनुमान लगाया गया। इसके लिए विभागीय कर्मचारी वहां तैनात रहे। जब बिक्री का अनुमान जीएसटी की वर्तमान छूट से ज्यादा का निकला तब जांच शुरू की गई. जांच में बिक्री और स्टाक में मिला माल ये साबित करने के लिए काफी था कि सालाना ब्रिकी 50 से 60 लाख रुपए के बीच है। कचौड़ी के साथ यहां समोसे भी बिकते हैं। पास की ही दो दुकानों में कच्चे माल का स्टॉक है। इतनी ब्रिकी पर विक्रेता को जीएसटी में रजिस्टर्ड होना चाहिए। और पांच फीसदी टैक्स देना चाहिए।

अलीगढ़ के वाणिज्यिक कर अधिकारी एके माहेश्वरी ने बताया


‘दुकान पर छापा उसके सालाना टर्नओवर की कारण से मारा गया। इस वक़्त ये पता चला कि दुकान का न तो टैक्स भरा जा रहा है। और न कारोबार का जीएसटी रजिस्ट्रेशन है। दुकानदार की सालाना आमदनी 60 लाख रुपए अधिक है।

वहीं दुकानदार मुकेश ने बताया


‘मेरी दुकान पर 20 जून को जीएसटी डिपार्टमेंट के अफसरों ने छापा मारा था। मेरी रोज की आमदनी 2,000 से 3,000 रुपए तक ही है। मोदी जी ने कहा था कि 40 लाख रुपए से अधिक की आमदनी वाले कारोबारी को जीएसटी रजिस्ट्रेशन कराना होगा। मेरा सालाना टर्नओवर 40 लाख रुपए का आधा भी नहीं है। ये लोग मुझे धमकी दे रहे हैं। विभाग का कहना है कि मैंने टैक्स नहीं चुकाया है। और न ही जीएसटी के लिए रजिस्ट्रेशन करवाया है।
मुकेश अपनी बात कह रहा है और अधिकारी अपनी बात। इस बीच मुकेश की दुकान चल रही है और अधिकारियों की कार्रवाई भी।