आसाराम को SC का झटका, सुप्रीम कोर्ट ने जमानत देने से किया इंकार

सुप्रीम कोर्ट ने आसाराम को यौन शोषण मामले में जमानत देने से साफ इंकार कर दिया है। उच्चतम न्यायलय का कहना है कि मुकदमे को पहले ही पूरा करने की जरूरत है और गुजरात में ट्रायल कोर्ट से मामले की सुनवाई पूरी करने को कहा है। आपको बता दें कि आसाराम बापू ने कोर्ट से गुजरात के सूरत रेप केस में जमानत देने की मांग भी की थी।
सुनवाई के दौरान ही गुजरात सरकार के वकील सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने उच्चतम न्यायलय में न्यायमूर्ति एन. वी. रमन की अध्यक्षता वाली पीठ को बताया है कि आसाराम के खिलाफ चल रहे सूरत रेप केस में अभी 210 गवाहों के बयान दर्ज होने बाकी हैं। रिपोर्ट के अनुसार आसाराम की याचिका को खारिज करते हुए पीठ ने कहा कि निचली अदालत की सुनवाई जारी रखेगी और गुजरात हाई कोर्ट द्वारा कही गई बातों से प्रभावित नहीं होगी।
बता दें कि रेप केस में दोषी आसाराम जोधपुर की जेल में बंद हैं और वह आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं। वहीं आसाराम के बेटे नारायण साई भी रेप केस में दोषी हैं और वो भी 2013 से ही लाजपोर जेल में बंद हैं। इससे पहले बीते वर्ष आसाराम ने राजस्थान के राज्यपाल कल्याण सिंह के पास अपनी दया याचिका की गुहार लगाई थी।

सूरत की ही दो लड़कियों ने लागाया था गंभीर आरोप
ये तो गौरतलब है कि 2013 में सूरत की दो बहनों ने आरोप लगाया कि आसाराम और उनके बेटे नारायण साई ने उनका बालात्कार किया है। दोनों लड़कियों ने इस बाबत पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार, बड़ी बहन ने आरोप लगाया कि जब वह आसाराम के अहमदाबाद वाले आश्रम में रह रही थी तो 1997 से 2006 के बीच आसाराम ने उसका कई बार बालत्कार किया था। वहीं छोटी बहन ने आरोप लगाते हुए कहा था कि सूरत के जहांगीपुरा में बने आश्रम में 2002 से 2005 के बीच आसाराम के बेटे नारायण साई ने भी उसका रेप किया था।

रिश्वत देने की भी की थी कोशिश
रिपोर्ट के अनुसार, सूरत पुलिस ने ही इस बात का दावा किया था कि आसाराम ने जेल में बंद रहने के दौरान मामले को प्रभावित करने के लिए ही पुलिस अधिकारियों, डॉक्टरों और न्यायिक प्रक्रिया से जुड़े तमाम अधिकारियों को करोड़ो रुपए का रिश्वत देने का प्रयास भी किया था।