श्वेता के लिए ही काम करती थीं 3 IAS अफसर की पत्नियां, पदस्थ अफसरों से भी बनाए थे संबंध

भोपाल हनीट्रैप मामले में पकड़ी गई पांचों ब्यूटी ब्लैकमेलर ने कई आईपीएस, आईएस अफसर, नेताओं और कई रसूखदारों का झांसे में लेकर करोड़ों रुपए वसूल लिए थे। लेकिन अब इस मामले में एक बड़ा खुलासा सामने आया है। ब्लैकमेलिंग के मामले में तीन आइएस की पत्नी और दो हेड कांस्टेबल की पत्नियां भी शामिल हैं।

अलग-अलग फील्ड के महिलाएं
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हनीट्रैप कांड में गिरफ्तार महिलाओं का गिरोह शिकार तलाशने के लिए, सूचनाएं एकत्रित करने के लिए अलग-अलग फील्ड की जुड़ी युवतियों और महिलाओं को अपने गिरोह में जोड़ रखा था। बताया जा रहा है कि इस मामले में हेड कांस्टेबल की एक बेटी की शिकायत भी क्राइम ब्रांच में पहले हो चुकी थी। वहीं, तीन आइएएस की पत्नियां भी श्वेता विजय जैन की करीबी थीं। यह महिलाएं अक्सर श्वेता के साथ देखी जाती थीं।

लाइजनिंग का करती थी काम

श्वेता के साथ काम कर चुकी एक महिला ने बताया कि ये तीनों महिलाएं श्वेता के लिए लाइजनिंग का काम करती थीं, इसका कमीशन इन तीनों महिलाओं को पहुंचाया जाता था। महिला ने बताया कि श्वेता इस खेल में माहिर है वो शिकार के लिए खिलाड़ी बदलती रहती है लेकिन उसका खेल नहीं बदलता।

एक ही घर में पकड़ा था
श्वेता से दोस्ती करने वाली तीनों महिलाओं के पतियों को उसके साथ दोस्ती की जानकारी थी। इनमें से एक अफसर को उसकी पत्नी ने ही श्वेता के साथ पकड़ लिया था। बाद में पत्नी का भरोसा जीतने के लिए अफसर ने श्वेता को मुंहबोली बहन बताकर उसका परचिय कराया था। उसके बाद अफसर की पत्नी और श्वेता के बीच दोस्ती हो गई थी। अफसर की पत्नी के सहारे श्वेता ने दो अन्य आइएएस अफसरों की पत्नियों से दोस्ती की। बताया जा रहा है कि यह अफसर अब मंत्रालय में पदस्थ हैं।

पांच सितारा होटलों में बीतती थी रात
श्वेता जैन की जिंदगी को लेकर तमाम चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। शाही जिंदगी की शौकीन श्वेता जैन की अधिकतर रातें रेव पार्टी और पांच सितारा होटलों में गुजरती थी। पार्टियों में नए 'शिकार' को फंसाना श्वेता भली-भांति जानती थी। वह आए दिन ब्यूटी पार्लर, कास्मेटिक सेंटर जाती थी। श्वेता की नौकरानी ने बताया कि वह आए दिन अपने फिगर को मेंटेन करने के लिए रोज डेढ़ घंटे मलिश कराती थी। गिरोह में शामिल युवतियों को वह लग्जरी लाइफ जीने का ऐसा आदी बनाती थी कि वह इस गिरोह को छोड़कर बाहर नहीं जा पाती थी।