ग्राहक ने ऑनलाइन मंगाया सामान, फ्लिपकार्ट ने उसको 5000 फीट की ऊंचाई पर किया होम डिलिवरी

अगर आप ऊंचे पहाड़ों, घने जंगलों में रहते हैं तो अब आपको भारी सामान सामान खरीदने के बारे में बार बार सोचना नहीं पड़ेगा। देश की प्रमुख ई-कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट आपके घर तक सामान की डिलिवरी करेगी। फ्लिपकार्ट ने अपनी डिलिवरी चेन का विस्तार किया है और अब उसकी पहुंच देश के कोने-कोने तक हो गई है। इसमें ऊंचे-ऊंचे पहाड़, घने जंगल वाले इलाके या फिर रेगिस्तान में बसे छोटे-छोटे गांव भी शामिल हैं।

5200 फुट ऊपर सोफे की डिलिवरी
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हाल ही में फ्लिपकार्ट ने दार्जिलिंग जिले के कार्सियांग कस्बे में समुद्र तल से करीब 5200 फुट ऊपर रहने वाले बुजुर्ग कपिल नाथ के यहां एक सोफे की डिलिवरी देकर नया रिकॉर्ड बनाया है। सोफे की यह डिलिवरी फ्लिपकार्ट के सिलीगुड़ी सेंटर से की गई है। इतनी ऊंचाई वाले इस इलाके में होम डिलिवरी करना इतना आसान नहीं, जितना दिल्ली जैसे बड़े शहरों में है। कपिल को कुछ हफ्तों से एक अच्छे सोफा की जरूरत थी लेकिन कार्सियांग का बाजार छोटा है। कई सारे प्रॉडक्ट वहां नहीं मिलते।

फ्लिपकार्ट ने की होम डिलिवरी
कपिल के बेटे को जब पिता की इस मुश्किल का पता लगा तो उन्होंने फ्लिपकार्ट से एक सोफा ऑर्डर किया। फिर कुछ ही दिनों बाद होम डिलिवरी हो गई। सोफा रिसीव करते हुए कपिल ने डिलिवरी बॉय टिंकू को धन्यवाद कहा। पिंटू मलिक ने बताया कि पहाड़ के लोग सोफा, टेलीविजन, फ्रिज, वॉशिंग मशीन जैसे भारी सामान की खरीदारी से बचते हैं। इसका कारण यह है कि यह सामान काफी भारी होते हैं और इनक पहाड़ पर ले जाना काफी कष्टदायक और खर्चीला होता है। जबसे फ्लिपकार्ट ने भारी सामान की डिलिवरी शुरू की है, तबसे पहाड़ी इलाकों से इन सामानों के खूब ऑर्डर आ रहे हैं।

डिलिवरी के दौरान करनी पड़ती है कड़ी मशक्कत
पिंटू ने बताया कि पहाड़ी इलाकों में सामान की डिलिवरी के दौरान उन्हें काफी मशक्कत करनी पड़ती है। सिलीगुड़ी से मिरिक करीब 40 किलोमीटर, कार्सियांग करीब 50 किलोमीटर और कलिम्पोंग करीब 70 किलोमीटर दूर है। भारी सामान होने के कारण कम से कम दो लोग डिलिवरी के लिए जाते हैं। कई बार ग्राहकों को घरों तक सड़क नहीं होने के कारण डिलिवरी वैन को दूर खड़ा करके पहाड़ पर एक-एक किलोमीटर तक पैदल चढ़ाई करके सामान की डिलिवरी की जाती है। कई ग्राहकों के घरों तक जाने के लिए पक्के रास्ते भी नहीं होते हैं। पहाड़ी इलाकों में मौसम जल्दी बदल जाता है। कई बार घने कोहरे और बारिश के कारण उन्हें रास्तों में घंटों इंतजार करना पड़ता है। इन सब परेशानियों के बावजूद भी उनकी कोशिश रहती है कि वे अपने ग्राहकों तक समय पर सामान पहुंचाएं।