ATM से निकाले 15 सौ रुपये, ट्रेस हो गई थी लड़की की लोकेशन और फिर जो हुआ...

24 अगस्त को वीडियो वायरल होने के बाद लापता हुई छात्रा तक पुलिस कैसे पहुंची, उसको राजस्थान के दौसा के होटल में कैसे ढूंढ निकाला गया। इन सवालों के जवाब एक मैसेज में छिपे हैं। वो मैसेज, जो उसके साथ गए कार चालक के मोबाइल पर आया। उसी के जरिये पुलिस छात्रा तक पहुंच गई। 24 अगस्त को छात्रा ने फेसबुक पर वीडियो अपलोड किया था। मामला चर्चा में आया तो पुलिस तलाश में जुटी। परिजन कह चुके थे कि वह कहां गई, उन्हें नहीं पता। अनहोनी की आशंका जताई। वहीं, चिन्मयानंद के वकील ओम सिंह की ओर से भी अज्ञात नंबर से रंगदारी मांगने की शिकायत पुलिस में दी जा चुकी थी। खुलासे के लिए क्राइम ब्रांच को लगाया गया। टीम के पास चिन्मयानंद, छात्रा, उसकी मां, पिता के फोन नंबर थे।

सर्विलांस ने सुझाया रास्ता
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एसपी डॉ. एस चिनप्पा ने सर्विलांस टीम को भी इस काम में लगाया। जिससे कई सुराग मिले। दरअसल, वीडियो वायरल करने के बाद छात्रा संजय सिंह के साथ दिल्ली पहुंची थी। वहां से उसने होटल कर्मचारी के फोन से अपनी मां के मोबाइल पर कॉल की। हालचाल बताए। इसी के जरिये क्राइम ब्रांच दिल्ली में उस कर्मचारी तक पहुंची मगर तब तक छात्रा वहां से जा चुकी थी।

ड्राइवर का हासिल किया नंबर
दिल्ली के होटल में पूछताछ हुई तो उस कार का नंबर मिल गया, जिसमें छात्रा व संजय वहां आए थे। उस कार के नंबर की डिटेल निकलवाई गई। सीसीटीवी फुटेज में दिखा कि कार पर एक स्टीकर चिपका हुआ है, जिस पर उस एजेंसी का नंबर लिखा जहां सर्विस कराई गई थी। क्राइम ब्रांच उस एजेंसी पर पहुंची, कार व चालक का ब्योरा लिया। वहीं से कार चालक का नंबर मिला मगर बंद जा रहा था। फिर भी उसे सर्विलांस पर ले लिया गया।

रुपये निकालते ही ट्रेस हुई लोकेशन
29 अगस्त को एक मैसेज से क्राइम ब्रांच की आंखों की चमक बढ़ गई। कार चालक ने अपने डेबिट कार्ड के जरिये एक एटीएम मशीन से करीब 1500 रुपये निकाले। उसका मैसेज मोबाइल पर जाते ही सर्विलांस टीम को पता चल गया। मैसेज की डिटेल में बैंक का नाम आदि मिल गया था। टीम ने उसी आधार पर बैंक से संपर्क किया और उस एटीएम की लोकेशन पूछी। पता चला कि एटीएम राजस्थान के दौसा जिले में लगा हुआ है।