दुनिया के सामने बेबाक अंदाज़ में बोलने वाली लड़की ग्रेटा को भी है ये बीमारी, जानिए इनके बारे में

ग्रेटा थनबर्ग आज के समय में एक ऐसा नाम है जो बच्चे-बच्चे की ज़ुबान पर है। 16 साल की ग्रेटा ने अपना बचपन पर्यावरण के नाम कर दिया। मूल रूप से स्वीडन से ताल्लुक रखने वाली ग्रेटा पर्यावरण ऐक्टिविस्ट हैं। हाल ही में जलवायु परिवर्तन को लेकर ग्रेटा ने संयुक्त राष्ट्र में जो भाषण दिया जिसे दुनिया में वायरल होने में समय नहीं लगा। भाषण के दौरान ग्रेटा की आंखों में जो आंसू थे वो इस बात का सबूत हैं कि उसे पर्यावरण से कितना प्यार है और उसे बचाने के लिए ग्रेटा किसी भी हद तक जा सकती है।
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जलवायु में हो रहा परिवर्तन दुनिया के लिए परेशानी का सबब बन गई है। ग्रेटा ने उन लोगों पर उंगली उठाई है जिनका इसके पीछे हाथ है। जहां ग्रेटा के साहस की चर्चा पूरी दुनिया में हो रही है वहीं न्यूयॉर्क टाइम्स ने अपनी एक रिपोर्ट में खुलासा किया है कि ग्रेटा एस्पर्जर सिंड्रोम से ग्रसित हैं। एक बार ग्रेटा खुद बता चुकी हैं कि वे अलगाव, अवसाद जैसे परेशानियों से जूझ चुकी हैं। गौरतलब है कि, एस्पर्जर सिंड्रोम ऑटिज़्म का एक फॉर्म है।

जानिए क्या है एस्पर्जर सिंड्रोम?
एस्पर्जर एक डेवलपमेंट डिसऑर्डर होता है जिसमें पीड़ित लोगों को बात-चीत करने में दिक्कत होती है। ये डिसऑर्डर ज्यादातर दो से छह साल के बच्चों को होता है। इसमें बच्चों को समाज से संपर्क बनाने में दिक्कत होती है। इस बीमारी से ग्रसित लोगों के दिमाग में बार-बार एक ही ख्याल आता है। इससे पीड़ित लोग जीवनभर दिक्कतों का सामना करते हैं। इससे पूरी तरह से निजात तो लेकिन थैरेपी और इलाज से स्थिति बेहतर हो सकती है।