परदादा, दादा, पिता और अब बेटे ने भी किया वहीं काम, सबकी वजह एक ही थी

कर्ज किसानों के लिए संकट बन चुका है. पंजाब सरकार कर्जमाफी की योजना चला रही है और बरनाला, पंजाब के भोटना गांव के 22 साल के लवप्रीत सिंह ने कर्ज के चक्कर में सुसाइड कर लिया है. पंजाब सरकार किसानों के 5 लाख रुपए तक का कर्ज माफ करने की योजना चला रही है लेकिन लवप्रीत के सिर्फ 57 हजार रुपए का ही कर्जा माफ़ हो सका है. लवप्रीत के परिवार ने 6 लाख रुपए साहूकार से लिए थे और 2 लाख रुपए बैंक से भी कर्ज ले रखा है. पांच पीढ़ियों के बाद लवप्रीत के परिवार पर 8.57 लाख रुपए का कर्ज है जिसे परिवार अब तक नहीं चुका सका है. इस परिवार में अब सिर्फ महिलाएं ही रह गई हैं.
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परिवार में कर्ज के चक्कर में पहली आत्महत्या 40 साल पहले लवप्रीत के परदादा जोगिंदर सिंह के की थी. इसके बाद 1994 में उनके दादा ने भी कर्ज न चुका पाने के चक्कर में आत्महत्या कर ली. उनके पापा कुलवंत सिंह ने कर्ज के चक्कर में 2018 के आख़िरी में आत्महत्या कर ली थी और अब लवप्रीत ने भी कर्ज के बोझ तले आत्महत्या कर ली है. 11 सितंबर की रात लवप्रीत ने घर पर जहर खाकर जान दे दी. पंजाब सरकार कर्जमाफी के लिए योजना चला रही है. लेकिन योजना के लागू होने के बाद अब तक पंजाब में 60 से अधिक लोग कर्ज के कारण आत्महत्या कर चुके हैं.