घर वाले करने वाले थे दोनों का शादी लेकिन उससे पहले ही घर से भाग गईं दोनों बहने, जानें फिर क्या हुआ

कहते हैं महिलाएं घर की लक्ष्मी होती हैं और जब तक महिला शिक्षित नहीं हो सकती तब तक समाज का उद्धार नहीं हो सकता। घर को अच्छे ढंग से चलाने के लिए एवं आज के समय में कहीं भी आने-जाने के लिए महिलाओं का शिक्षित होना बहुत जरूरी है।परंतु आज भी भारत में ऐसा एक बहुत बड़ा तबका है जहां पर लोग बेटियों के 18 वर्ष के होने का इंतजार करते हैं और जैसे ही लड़की 18 वर्ष की होती है उसकी शादी कर दी जाती है। कभी उनके बारे में यह नहीं सोचा जाता कि वह क्या चाहती हैं और कैसे चाहती हैं। वहीं कुछ लड़कियों को अपने भविष्य को लेकर किसी की भी दखलंदाजी पसंद नहीं होती। 
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ऐसा ही एक मामला नोएडा सेक्टर 22 से सामने आया जहां पर दो मुस्लिम बहने 12वीं के बाद आगे की पढ़ाई करना चाहती थी परंतु घरवाले शादी के लिए लड़का देखने लगे। इसके बाद जब लड़कियों को इस बात की भनक लगी तो उन्होंने घरवालों को मना किया परंतु घर वाले नहीं माने। आखिरकार 18 जून को दोनों लड़कियां घर से फरार हो गई और इसकी शिकायत थाने में की गई। बताते चले कि दोनों बहने मामा और फूफी की बेटी है। सेक्टर 116 में यह दोनों अपने परिवार के साथ रहती थी। 
18 जून को लापता हुई तो सब ने खोजबीन चालू किया परंतु यह दोनों लड़कियां घर छोड़कर गाजियाबाद पहुंच गई और वहां पर एक कमरा लेकर मल्टीनेशनल रेस्तरां में नौकरी करने लगी। वह नौकरी की बदौलत कुछ पैसे जुटाना चाहती थी एवं आगे कोई अच्छा प्रोफेशनल कोर्स करना चाहती थी। दोनों लड़कियों के बारे में सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष धनंजय सिंह ने उनके परिवार को सूचना दी लेकिन जब परिजन उन्हें लेने आए तो लड़कियों ने साथ जाने से इनकार कर दिया। जब पुलिस ने समझाया तो उन्होंने कहा कि घर जाते ही यह लोग हमारी शादी करा देंगे और हमें पढ़ लिखकर अभी कुछ बनाना है। 
यह सुनते ही पुलिस वालों ने उन दोनों की तारीफ की और आगे कामयाब होने का आशीर्वाद दिया परंतु लड़कियां तब भी घर जाने को तैयार नहीं हुई। जब घरवालों ने जिद किया तो वह थाने में ही रोने लगी। इसके बाद पुलिस ने कहा कि यह दोनों लड़कियां बालिग है और यह जहां चाहे वहां अपनी मर्जी से रह सकती हैं। इसीलिए इन्हें कोर्ट में पेश किया जाएगा और वहां से जो कुछ भी निर्णय आएगा उसके आधार पर ही कुछ कार्रवाई की जाएगी। हालांकि कोर्ट में पेश होने के बाद वह दोनों लड़कियां घर चली गई और कोर्ट ने भी घरवालों को आदेश दिया कि जब तक लड़कियां शादी के लिए हां नहीं बोलती तब तक उनकी शादी नहीं कराई जाएगी।