बैल की जगह बेटियों से खेत जुतवाया इस किसान ने, वजह जान रोम-रोम कांप उठेगा

हमारे देश में कई सारी चीजें बदल गई हैं लेकिन कुछ चीजें अभी भी वैसी की वैसी ही है और उन चीजों पर हमारा ध्‍यान भी नहीं जाता। दरअसल आज हम न किसी अपराध की बात कर रहे हैं और न ही किसी दुर्घटना की हम बात कर रहे हैं देश के किसान की जिसके कारण हम भोजन कर पाते हैं लेकिन किसान की इस हालत को देखकर आपका रोम-रोम कांप उठेगा।
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दरअसल आज हम जिस घटना की बात कर रहे हैं वो मध्यप्रदेश के किसान के हालात की जो इतना मजबूर हो गया है कि वो बैल की जगह खेत जोतने के लिए अपनी बेटियों का प्रयोग कर रहा है। अब आपको लग रहा होगा कि भला कैसा बाप है जो अपनी बेटियों को बैल की जगह इस्‍तेमाल कर रहा है तो बता दें कि वो ऐसा खुशी से नहीं कर रहा बल्कि उसकी ये मजबुरी है दोष गरीबी का है और इस गरीबी देखकर भी मुँह मोड़ लेने वाले सरकार की है।
आप अक्‍सर सुनते होंगे कि कर्ज की बोझ में किसान आत्महत्या कर लेता है और फिर सरकार उसे मुआवजा देती है लेकिन क्‍या कभी किसी ने ये सोचना चाहा कि अगर पहले ही किसान की स्थिति में सुधार लायी जाए तो उनकी जान बच भी सकती है। मध्य प्रदेश के बसंतपुर गांव का रहने वाला ये किसान सरदार बरेला की हालत ऐसी है कि उसके पास बैल नही थे तो अपनी बेटियों को पढ़ाई छुड़वाकर उनको बैल की जगह इस्तेमाल करने के कगार पर आ गया।
सलाम करने चाहिए इन बेटियों को जो अपने पिता का कंधा बनकर साथ चल रही है। पर दुख इस बात का है कि इनकी पढ़ाई छूट गयी। पूरे देश का पेट भरने वाले किसानों के पेट पर ही लात मारा जा रहा है। एक निष्पक्ष न्याय की जरूरत है इन किसानों को।