डॉक्टरों ने घोषित किया मृत तो उसको स्कूटी पर ही ले जाने को मजबूर हुए घरवाले, जानें फिर क्या हुआ

मुरादाबाद के कोतवाली सदर में एक युवक ने संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी लगा ली. जानकारी होने पर परिजनों ने किसी तरह युवक को फांसी के फंदे से नीचे उतारा और तुरंत ही उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने युवक को मृत घोषित कर दिया. लेकिन बजाए शव को मॉच्र्युरी में रखने के, परिजन उसे स्कूटी पर लेकर अस्पताल से निकल गए. मामले में अस्पताल प्रशासन ने पुलिस को सूचना दे दी है.
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अस्पताल के स्टाफ ने शव को मोर्चरी में रखने का प्रयास किया लेकिन परिजनों ने युवक को जिंदा बताते हुए सौंपने से इंकार कर दिया और किसी अन्य अस्पताल में दिखाने की बात कह-कर युवक को लेकर चले गए. इसके बाद डॉक्टर अस्पताल के स्टाफ ने पुलिस को सूचना दे दी और कहा कि मृतक के परिवार वाले शव को जबरन लेकर चले गए. फिलहाल युवक द्वारा फांसी लगाने का कारण अभी साफ नहीं हो पाया है. मेडिकल ऑफिसर अशोक शर्मा ने बताया कि युवक मृत अवस्था में अस्पताल में लाया गया था, उसे हमने जांच के बाद मॉच्र्युरी में रखने को कहा था.
पता चला है कि युवक के परिजन शव को ले जाने की इतनी जल्दी में थे कि जब उन्हें कोई वाहन नही मिला तो युवक के शव को स्कूटी पर लेकर ही अस्पताल से निकल गए. यही नहीं शव को स्कूटी पर ले जाने में भी परेशानी हो रही थी, तब वहां खड़े एक पुलिसकर्मी ने जिंदा समझकर उसे स्कूटी पर रखवा दिया. फिलहाल पुलिस को अभी इस मामले में कोई जानकारी नही है.