एक घर को लेकर भाई ने ही अपने भाई को किया खत्म, जानिए फिर क्या हुआ

उत्तर प्रदेश में वाराणसी के चेतगंज थाना क्षेत्र के कालीमहाल इलाके में शनिवार सुबह दंपति की उनके ही घर पर हत्या कर दी गई। बंदूक लेकर आए कुछ बदमाशों ने दंपति के बेटे को भी मारने की कोशिश की। हालांकि, वह उस फायरिंग में बच गया। इस वारदात के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। 
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सूचना पर वाराणसी के एसपी आनंद कुलकर्णी, एसपी सिटी दिनेश सिंह सहित कई थानों की पुलिस पहुंची। पुलिस ने दंपति के बेटे को सांत्वना दी तो वह एसएसपी से लिपटकर रोया। वाराणसी के एसएसपी आनंद कुलकर्णी का कहना है कि पुलिस गहनता से पूरे मामले की पड़ताल कर रही है। जल्द ही अपराधियों को गिरफ्तार किया जाएगा। घटनास्थल का एडीजी, आईजी, डीएम, एसएसपी और अन्य अधिकारियों ने मौका-मुआयना किया है।

कृष्ण कांत का अपने भाई के साथ काफी समय से विवाद चल रहा था
संवाददाता के अनुसार, मृतकों की पहचान कर्मकांड कराने वाले गद्दी संचालक कृष्ण कांत उपाध्याय एवं उनकी पत्नी ममता के रूप में हुई। उनकी शहर के पिशाचमोचन में पूजा पाठ कराने की गद्दी है। पिछले कई साल से गद्दी और कालीमहाल स्थित घर को लेकर कृष्ण कांत का अपने भाई विवाद चल रहा था। इसको लेकर शुक्रवार को भी झगड़ा हुआ था। रोज की तरह कृष्णकांत शनिवार तड़के पिशाचमोचन जाने के लिए घर से निकले थे। इसी दौरान एक हिस्ट्रीशीटर के साथ चार-पांच लोग आए और उन्होंने पिस्तौल से कृष्णकांत पर गोलियां चला दीं।

'हमला चाचा-चाची ने ही करवाया था'
कृष्णकांत की पत्नी और बेटे घर के अंदर थे। हमलावरों ने पत्नी को घर में घुसकर बर्तन मांजते समय गोली मारी। उसके बाद एक बेटे पर भी गोलियां चलाईं, हालांकि निशाना चूक गया। शोर-शराब सुनकर हमलावर वहां से फरार हो गए। कृष्णकांत के बेटे सुमित ने बताया कि हमला चाचा-चाची ने करवाया है। उसने कहा कि चाची पेशे से वकील है।

राजेन्द्र उपाध्याय और उनका पूरा परिवार है फिलहाल फरार
सुमित ने यह भी कहा कि इस हत्याकांड में सिगरा के चौकी इंचार्ज कुमार वर्मा की भूमिका भी है। हमने पहले ही शिकायत की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। जिसका नतीजा है कि माता-पिता की हत्या कर दी गयी। वही, इस दोहरे हत्या को अंजाम देने के बाद कृष्णकांत के भाई राजेन्द्र उपाध्याय और उनका पूरा परिवार फरार हो गया है।