पुलिस सोती रही, लड़की ने दिखाई हिम्मत और खुद ही लड़कों को पकड़ लिया, जानिए फिर क्या हुआ

बरेली जिले में सामूहिक दुष्कर्म मामले में जिस वारंटी आरोपित को पकड़ने के नाम पर पुलिस सोती रही, पीड़िता ने गुरुवार शाम उसे अयूब खां चौराहा पर खुलेआम घूमते वक्त फिल्मी स्टाइल में धर दबोचा। गिरफ्तारी से पहले हाई वोल्टेज ड्रामा चला। सरेशाम जमकर मारपीट हुई। आरोपित ने भागना चाहा, लेकिन तब तक भीड़ जुट गई। सूचना पर पुलिस पहुंची और आरोपित को हिरासत में ले लिया।
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इज्जतनगर इलाके में रहने वाली एक महिला कंस्ट्रक्शन का काम करती थी। महिला का आरोप है कि 2017 में भटनागर कॉलोनी निवासी सचिन भारद्वाज व पीपी सिंह एक निर्माण कार्य के बहाने उसे लखनऊ ले गए। वहां एक होटल में उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। 2017 में उसने इज्जतनगर थाने में चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। पीड़िता ने बताया कि एक आरोपित की मौत हो चुकी है, जबकि एक का नाम पुलिस ने मुकदमे से निकाल दिया। सचिन व पीपी सिंह के खिलाफ पुलिस ने चार्जशीट लगाई थी। मामला कोर्ट में विचाराधीन है। 
वहीं, कोर्ट ने सचिन भारद्वाज के खिलाफ वारंट जारी कर रखा है। पीड़िता के मुताबिक, उसे गुरुवार शाम पता चला कि वारंट पर फरार चल रहा आरोपित सचिन अयूब खां चौराहा पर अपनी कार से घूम रहा है। वह तुरंत चौकी पर पहुंची। पुलिस को इसकी जानकारी दी। मगर पुलिस ने उसे पकड़ने से इन्कार कर दिया। इस तर्क के साथ कि संबंधित दारोगा ही उसे पकड़ेगा। जिस पर पीड़िता खुद ही उसकी तलाश में जुट गई। जैसे ही चौराहा पर सचिन दिखाई पड़ा, उसे फिल्मी स्टाइल में धर लिया। 
महिला को देखकर पहले सचिन सकपका गया। फिर उसे पीटना शुरू कर दिया। अयूब खां चौराहा पर हाईवोल्टेज ड्रामा शुरू हुआ तो अफरा-तफरी मच गई। भीड़ इकट्ठा हो गई। तब तक पुलिस भी आ गई। चूंकि, सचिन के खिलाफ वारंट था लिहाजा कोतवाली पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पीड़िता जब पति के साथ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के पास गई तब पुलिस आरोपित की कार जब्त की। इस घटना के बाद युवती के साहस की इलाके में चर्चा रही। हर कोई पीड़िता साहस की सराहना कर रहा था।