पति को बचाने के लिए मजदूरी भी किया, लेकिन बचा नहीं पाई फिर उसने उठाया बड़ा कदम

आर्थिक तंगी से जूझ रही महिला ने नहर में छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतका की पहचान सन्दीप कौर (30) के रूप में हुई है और वह भैणीबाघा गांव की रहने वाली थी। पुलिस ने शव परिवार वालों को सौंप दिया है। इसके बाद भैणीबाघा के श्मशानघाट में महिला का अंतिम संस्कार कर दिया गया। सन्दीप कौर के परिवार में उसका पति करमजीत सिंह और तीन बेटियां हैं। महिला का पति कुछ समय से पीलिया से पीडि़त है। सन्दीप कौर उसके इलाज के लिए मजदूरी करती थी, लेकिन काफी पैसे खर्चने के बावजूद वह उसका इलाज पूरा नहीं करवा पाई। 
loading...
इसी से दुखी होकर उसने भैणीबाघा के पास नहर में छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली।  किसान नेता राम सिंह भैणीबाघा ने बताया कि संदीप कौर की बड़ी बेटी रमनदीप कौर दस साल की है। इसके अलावा एकमदीप चार साल की और प्रभजोत दो साल की है। उन्होंने बताया कि बच्चियां छोटी होने कारण उन्हें दिहाड़ी पर काम नहीं मिल पा रहा था। नेता राम सिंह भैणीबाघा ने बताया कि सन्दीप कौर की बड़ी बेटी छठी क्लास में पढ़ती थी। उन्होंने बताया कि सन्दीप कौर के घर के अíथक हालात कुछ ऐसे बने कि वह बच्चियों की स्कूल की फीस तक नहीं अदा कर पा रही थी। इस वजह से रमनदीप कौर को स्कूल से हटा लिया था। रहा था। 
राम सिंह भैणीबाघा ने बताया कि सन्दीप कौर ने काफी मेहनत की, लेकिन जब पति की बीमारी व गरीबी ने उनका पीछा नहीं छोड़ा तो उसने इससे परेशान होकर नहर में छलांग लगाकर अपनी जान दे दी। इस मौके पर गांव की पंचायत और राम सिंह भैणीबाघा बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। भारतीय किसान यूनियन एकता उगरागा के जिला प्रधान राम सिंह ने पंजाब सरकार से मांग की है कि पीडि़त परिवार को मुआवजा दिया जाए और बच्चियों की पढ़ाई की जिम्मेदारी सरकार उठाए।

बच्चों की स्कूल फीस तक नहीं दे पा रही थी संदीप
किसान नेता राम सिंह भैणीबाघा ने बताया कि संदीप कौर की बड़ी बेटी सन्दीप कौर की बड़ी बेटी छटी क्लास में पढ़ रही थी, लेकिन आíथक हालात ही कुछ ऐसे बने कि वह स्कूल की फीस नहीं अदा कर पा रही थी। इस वजह से रमनदीप कौर को स्कूल से हटा लिया था। सन्दीप कौर ने काफी मेहनत की, लेकिन जब बीमारी व गरीबी ने उनका पीछा नहीं छोड़ा तो उसने नहर में छलांग लगाकर अपनी जान दे दी।