ट्रक ड्राइवर सुरंग बनाकर चुराता था डीजल, चंद दिनों में खरीद डाले प्लॉट और वाहन, जानें कैसे पकड़ाया

जयपुर शहर के हिंदुस्तान पेट्रोलियम की पाइप लाइन में सेंधमारी कर डीजल चोरी का खेल करीब सात महीने से चल रहा था। पुलिस की गिरफ्तार में आए डीजल चोरी गैंग  का सरगना सरदार स्वर्ण सिंह ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए। पूछताछ में सरदार स्वर्ण सिंह ने बताया कि राजावास में उसने दिसंबर 2018 से डीजल चोरी शुरू की थी। उसके गैंग के चार-पांच साथी अभी भी फरार हैं, जिन्होंने एचपी की लाइन में वॉल्व लगाकर लाइन बिछाने का कार्य किया था। सरदार को शुरुआत में ही चोरी का डीजल खरीदने वाले मिल गए थे, जिससे उसका धंधा चल पड़ा।

थोड़े ही दिन में खरीद डाले प्लॉट और वाहन
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जानकारी के मुताबिक कमाई से उसने राजावास में ही पाइप लाइन के नजदीक एक प्लॉट खरीद लिया था। इसके अलावा सप्लाई के लिए ट्रैक्टर-ट्रॉली एवं पिकअप भी खरीदी थी। वाहन को पुलिस ने जब्त कर रखा है, वहीं अन्य सम्पत्ति की तस्दीक की जा रही है। वहीं हरमाड़ा थानाधिकारी रमेश सैनी ने बताया कि पेट्रोलियम कम्पनी ने अपनी जांच में किसी भी तरह की मिलीभगत सामने नहीं आने की बात कही है। ऐसे में पुलिस गैंग के अन्य बदमाशों का पता लगा रही है।

ढाई दशक से डीजल चोर
दिल्ली निवासी स्वर्ण सिंह ट्रक चलाता था। मालिकों से बचकर डीजल चुराता और उसे सस्ते दामों में बेचता था। डीजल चोरी के आरोप में 1992 में पहली बार तिहाड़ जेल गया था। करीब एक दर्जन पेट्रोल पम्पों पर चोरी का डीजल सप्लाई किया जाता था। जिनके बारे में तस्दीक की जा रही है।

3 माह में खोदी सुरंग
डीसीपी विकास शर्मा ने बताया कि सभी आरोपियों ने जयपुर आने के बाद तीन माह तक थोड़ी-थोड़ी खुदाई कर सुरंग खोदी। सुरंग खोदने पर निकलने वाली मिट्टी को आस-पास के क्षेत्र के खाली भूखंडों में रात्रि को फैला देते। इससे मिट्टी का भी पता नहीं चल सके। पाइप लाइन में वॉल्व लगने के बाद गंध को दबाने के लिए दिखाने के लिए फिनाइल का काम करने लगे और घर पर फिनाइल भी रखते थे।