ऐली मांगट की हुई रिहाई, जेल के बाहर लग गया प्रशंसकों का तांता, जानिए कौन है ऐली मांगट

ऐली मांगट और रंधावा ब्रदर्स विवाद के चलते रोपड़ जेल में न्यायिक हिरासत में गए ऐली मांगट को आज रिहा कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि आज शाम ऐली मांगट की बेल के आर्डर आने के बाद ऐली मांगट को रोपड़ जेल से रिहा किया गया। जेल के मुख्य गेट पर ऐली के प्रसंशकों और मीडिया की भीड़ एकत्रित होने के कारण ऐली को दूसरे गेट के द्वारा गाड़ी तक लेजाया गया। इस दौरान ऐली मांगट ने किसी के साथ भी बात नहीं की और अपनी गाड़ी में बैठ कर चले गए। 
loading...
गौरतलब है कि पंजाबी गायक रंधावा ब्रदर्स के साथ सोशल मीडिया पर हुए विवाद के बाद न्यूजीलैंड से आए ऐली मांगट को सोहाना पुलिस ने धारा-295ए के तहत गिरफ्तार कर लिया था। ऐली मांगट के वकील जीपीएस घुम्मन ने मोहाली अदालत में ऐली मांगट की रेगुलर बेल एप्लीकेशन दायर की थी। बुधवार को अदालत ने सुनवाई के दौरान ऐली मांगट व उसके दोस्त हरदीप को धारा-295ए के तहत जमानत दे दी थी। करीब एक घंटे की बहस के दौरान ऐली मांगट के वकील ने अदालत में यह तर्क रखा है कि जिस वीडियो को आधार दोनों पर धारा-295ए के तहत मामला दर्ज किया गया है। उस वीडियो को फॉरेंसिक लैब में चेक करवाया जाना है। 
वह वीडियो सच है या झूठ, उसका फैसला रिपोर्ट आने के बाद ही होगा। इसलिए तब तक अदालत ऐली मांगट को जमानत पर रिहा कर दें। वकील घुम्मन ने कहा कि ऐली मांगट को लेकर वे वीरवार को डीजीपी से मिलेंगे क्योंकि ऐली मांगट को रिमांड के दौरान बुरी तरह से मारा गया है। जिसकी मेडिकल रिपोर्ट डॉक्टरों के बोर्ड ने दे दी है। ऐली मांगट को टॉर्चर करने वाले पुलिस मुलाजिमों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की जाएगी और वह केस को बंद करने के लिए हाईकोर्ट में अपील फाइल भी करेंगे।
पुलिस ने अपार्टमेंट के बाहर से किया था गिरफ्तार
गौरतलब है कि कनाडा रहते पंजाबी गायक ऐली मांगट को पिछली बुधवार सोहाना पुलिस ने सेक्टर-88 स्थित पूरब अपार्टमेंट के बाहर से गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार करने के बाद सोहाना पुलिस ने उसके खिलाफ पहले से दर्ज मामले में धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने की धारा-295ए व 120बी का बढ़ावा किया था जिस कारण अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत पर भेज दिया था। जबकि ऐली मांगट ने जज के सामने खुद के बेकसूर होने का दावा करते कहा कि उसने पुलिस के पास खुद सरेंडर किया है।

धमकी के बाद आया था इंडिया
घुम्मन ने कहा कि रम्मी रंधावा ने मांगट को धमकियां दी थी, इसलिए वह इंडिया आया था। उसने यह भी दलील दी कि उसके खिलाफ धार्मिक भावनाओं के अपमान की धारा न लगाई जाए। क्योंकि उसने रम्मी रंधावा द्वारा गले में डाले कैंठे के बारे में बात की थी जिसे खंडा बताकर उस पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया गया।