अगर आप भी LIC एजेंट की सेवा ले रहे हैं तो हो जाएं सावधान, इस तरह हो रहा है फर्जीवाडा

अगर आप भी एजेंट में माध्‍यम से एलआइसी और डाकघर की सेवाएं ले रहे हैं तो सावधान हो जाएं। वाराणसी के बाद अब गाजीपुर में भी फर्जीवाड़ा का मामला सामने आया है। दिलदारनगर के 35 लोगों का लगभग 25 लाख रुपया आरडी, एफडी और एलआईसी का जमा करने के नाम पर गबन कर फरार आरोपित का आखिरकार गिरफ्तार हो गया। गबन के मामले में फरार डाकघर व एलआईसी एजेंट कस्बा निवासी लोकनाथ गुप्ता शनिवार की सुबह 8.20 बजे दिलदारनगर रेलवे स्टेशन के पीछे वाटर कूलर के पास से गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ के बाद पुलिस ने आरोपित को जेल भेज दिया।
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बीते मंगलवार को सेवराई तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस पर जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक से मिलकर व्यापारियों ने गबन की घटना से अवगत करा कर न्याय की गुहार लगाई थी। जिलाधिकारी ने थानाध्यक्ष को एजेंट के ऊपर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर मकान को सीज करने का निर्देश दिया था। पीड़ित व्यापारियों ने तहरीर देकर डाकघर व एलआइसी एजेंट लोकनाथ गुप्ता सहित पुत्र और पुत्री के ऊपर आरडी एफडी और एलआईसी का रुपया जमा नहीं कर करोड़ों रुपया गबन कर फरार होने का आरोप लगाया था।
पुलिस ने पीड़ित चंदन सिंह सहित 34 व्यापारियों की तहरीर पर गुरुवार को लोकनाथ गुप्ता सहित पुत्री श्वेता और पुत्र अवधेश के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कर एजेंट के गिरफ्तारी में जुट गई थी। उपनिरीक्षक सतेंद्र भाई पटेल ने बताया कि गबन कर फरार एलआईसी और डाकघर एजेंट लोकनाथ गुप्ता को सुबह रेलवे स्टेशन के बाहर गिरफ्तार किया गया था। व्यापारियों का लगभग 25 लाख रुपया गबन का साक्ष्य अब तक मिला है। जांच के दौरान आगे भी धनराशि की जानकारी की संभावना है। पुलिस के अनुसार रकम और भी बढने की उम्‍मीद है जो जांच के दौरान ही पता चल सकेगी।