SP से मिलने पहुंचे 'DM साहब', लेकिन वहाँ पर हुआ कुछ ऐसा की DM साहब गए जेल

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जबलपुर जिले में पुलिस अधीक्षक से मिलने पहुंचे एक कलेक्टर साहब को अब जेल की हवा खानी पड़ रही है. बेराजगारी के इस दौर में एक 'नटवरलाल' की मति इस कदर मारी गई की खुद को कलेक्टर बताकर जिले के पुलिस अधीक्षक से मिलने जा पहुंचा. बकायदा पेंट-शर्ट और टाई पहनकर एक मिठाई का डब्बा साथ लिए फर्जी कलेक्टर महोदय एसपी के कार्यालय पहुंचे. एसपी ने न केवल उसके झूठ को पकड़ा बल्कि उसके गुनाह भी कबूलवाए. एसपी ने फोन करके उसके परिजनों को भी उसकी सच्चाई बताई. आरोपी अब हवालात में है. हालांकि आरोपी ने एसपी से मिलकर क्यों अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मार ली, इस बात से एसपी अमित सिंह खुद भी हैरान हैं.

SP से मिलने पहुंचा 'नटवरलाल'
नटवरलाल से प्रेरित होकर सिंगरौली निवासी राकेश कुमार साहा ने न जाने कितने लोगों से ठगी की होगी. हाथ में कैबिनेट सेक्रेटेरियट दिल्ली से हस्ताक्षरित सलेक्शन सर्टीफिकेट और यूपीएससी की चयन सूची लेकर जब जनाब जबलपुर जिले के पुलिस अधीक्षक अमित सिंह से मिलने पहुंचे तो यहां इनकी दाल नहीं गल पाई. एसपी के सवालों के जाल में फर्जी कलेक्टर इस कदर फंसे कि फिर मुंह से कुछ भी न निकला.

फर्जी कलेक्टर बनकर ठगी करता था आरोपी
सिंगरौली निवासी राकेश कुमार साहा फर्जी कलेक्टर बनकर कोंचिग सेंटर या फिर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लोगों को अपने जाल में फंसाया करता था. जबलपुर से लेकर दिल्ली तक इन फर्जी कलेक्टर साहब ने अपना जाल बिछाया था. यूपीएससी में सिलेक्शन के लिए किसी से 30 तो किसी से 50 हजार रुपये लेने की बात भी प्राथमिक पूछताछ में पता चल गई. एसपी ने ये भी पाया कि घर में अपने परिजन और पत्नी से झूठ बोलकर आरोपी दिल्ली में नौकरी करने की बात कहकर निकला था, लेकिन जब फोन पर फर्जी कलेक्टर का सच बताया गया तो परिजन भी स्तब्ध रह गए.

एसपी ने आरोपी के परिजनों को उसके झूठ की जानकारी दी
एसपी ने फोन लगाकर आरोपी के पिता और पत्नी को भी उसके झूठ और फरेब की जानकारी दी. कलई खुल जाने के बाद एसपी ने फर्जी कलेक्टर को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ एफआईआर के निर्देश दे दिए हैं. वहीं आरोपी के कब्ज़े से जब्त दस्तावेजों की भी जांच की जाएगी. हालांकि एसपी भी इस बात को अब तक नहीं समझ पाए कि आखिर अपने पैर पर कुल्हाड़ी मारकर फर्जी कलेक्टर उनसे क्यों मिलने पहुंच गया.